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तेज़ाब कांड और सिवान में शहाबुद्दीन का जंगल राज

November 05, 2025

 

सिवान का  ACID  कांड
सिवान का  ACID  कांड

" सिवान का तेज़ाब (Acid) कांड " - शहाबुद्दीन का दरबार और दहशत 

यह है उस सिवान के खौफ की कहानी जिसने पूरे बिहार को हिला दिया था - शहाबुद्दीन का आतंक। 16 अगस्त  2004 की रात  थी सिवान की गौशाला रोड पर स्थित राजीव किराना स्टोर में 7 - 8 बदमाश घुस आए।  शहाबुद्दीन के नाम से 2 लाख की रंगदारी मांगी गयी लालू -राबड़ी  के राज में रंगदारी मांगना  आम बात थी स्टोर 7 - 8 बदमाश जो घुसे थे उन्होंने कैश काउंटर लूट लिया। 

जब दुकान मालिक राजीव ने विरोध किया, तो उन गुंडों ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।  यह देखकर उसका भाई गिरीश बाथरूम में भागा, एक बोतल तेज़ाब (एसिड) उठाई और चिलाया - "भाग जाओ, वार्ना एसिड फेंक दूँगा " ये बात सुनकर बदमाश /गुंडे भाग निकले थे। 

लेकिन थोड़ी ही देर में वे गुंडे वापस लौटे गए थे. और  इस बार पूरी तैयारी के  साथ।  उन्होंने राजीव और उसके दोनों भईयों, गिरीश और सतीश, को अगवा कर लिया था। तीनों को प्रतापपुर के पास गन्ने के खेतों में ले जाया गया था।  वहाँ एक पेड़ था उस पेड़ में गिरीश और सतीश को बाँध दिया गया था। उसके बाद राजीव  को अलग बैठा दिया गया था। थोड़ी देर बाद वहाँ शहाबुद्दीन पंहुचा।  जो उस समय राजद (RJD) के सांसद था। और उस समय उसी पार्टी यानि राबड़ी देवी की सरकार बिहार में थी। 

वहाँ शहाबुद्दीन पहुंच कर उसने अपना  दरबार लगाया और अपने पालतू गुंडे को हुक्म दिया - "दोनों को एसिड से नहला दो" 

बस इतना कहना था  कि उसके गुर्गो ने बोतले उठाई और दोनों भाइयों पर तेज़ाब उड़ेल दिया।  दर्द से चीखे-छीलते गिरीश और सतीश वही जलते रहे।  धुँआ उठ रहा था, शरीर  का मांस पिघल रहा था, और हवा में सड़न की गंध फ़ैल गई थी। 

लाचार राजीव यह सब देखता रह गया - बेबस होकर, पत्थर बनकर।  शहाबुद्दीन के गुर्गो ने उसे बंधक बना लिया था।  और उसके पिता चंदा बाबू से फिरौती मांगी गई थी। 

तीसरे दिन किसी तरह राजीव भाग निकला और घर पहुंचा।  उसने पूरी घटना पिता को बताई।  चंदा बाबू हिल गए , लेकिन दर के बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंच गए। थानेदार शहाबुद्दीन का नाम सुनते ही काँप गया।  उसने कहा - " आप नहीं जानते, किससे टकरा रहे हैं। " 

लेकिन चंदा बाबू रुके नहीं।  वे एसपी के पास गए , फिर डीआईजी के पास और अंततः डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज हुई। 

मामला कोर्ट पंहुचा।  70 साल के चंदा बाबू ने खुद गवाही दी, शहाबुद्दीन को आरोपी बताया. उन्हें दर था की जैसे बाकि मामलों में शहाबुद्दीन छूट जाता है , वैसे यहाँ भी कुछ न हो जाए। 

राजीव, जो इस कांड का इकलौता चश्मदीद/गवाह  था, उसे 19 जून 2014 को गवाही देनी थी।  लेकिन 16  जून को, गवाही से तीन दिन पहले, राजीव को गोलियों से छलनी कर  मार दिया गया। 


शहाबुद्दीन की गिरफ़्तारी तो राजद सरकार गिरने और राष्ट्रपति शासन लगाने के बाद हुई थी।  पर  असल में वह जेल में नहीं, अपने साम्राज्य में था।  सिवान जेल ही उसका दरबार थी।  हर दिन शाम  4 बजे से लोग "शहाबुद्दीन से  मिलने आते  और अपनी समस्याएँ बताते, फैसले सुनता।  जेल का जेलर और पुलिस उसके आगे बेबस और लाचार बोले तो नपुंसक के सामान मुखदर्शक थे। वर्ष  2017 में उसे आखिरकार तिहाड़ जेल भेजा गया था। 


शहाबुद्दीन का अंत और विरासत 

यह तो शहाबुद्दीन के सिर्फ एक केस था।  इसके खिलाफ ऐसे कई नरसंहार, अपहरण, हत्या और आतंक के मामले थे।  लेकिन  अपराध का असली दंड उसे नहीं मिला।  

कोविड (COVID) के दौरान उसकी प्राकृतिक मृत्यु हो गई  और बिना अपने गुनाहों का हिसाब दिए अल्लाह मियॉँ को पाया हो गया। 

शहाबुद्दीन का बेटा उसामा (RJD)
शहाबुद्दीन का बेटा उसामा (RJD) 

आज  फिर वही शहाबुद्दीन का बेटा उसामा, उसी पार्टी (RJD) से सिवान की रघुनाथपुर सीट से चुनाव लड़ रहा है। 

कहते हैं  - अपराधी मर गए , लेकिन अपराध की विरासत अब भी  है। 


धन्यवाद 🙏


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तेज़ाब कांड और सिवान में शहाबुद्दीन का जंगल राज   तेज़ाब कांड और सिवान में शहाबुद्दीन का जंगल राज Reviewed by Neel Kamal on November 05, 2025 Rating: 5

भारतीय परंपरा में सोलह श्रृंगार केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं

October 28, 2025


Importance of 16 Shringar
भारतीय सनातन परंपरा (AI Photo)

भारतीय सनातन परंपरा में 16 शृंगार की व्यवस्था सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक महत्व भी है केवल सुंदरता के लिए नहीं है की गई थी, बल्कि इसका सम्बन्ध महिलाओं के स्वास्थ्य, ऊर्जा संतुलन और मानसिक शांति से जुड़ी हुई  हैं।  ये  16  प्रकार के शृंगार किसी महिला की सुंदरता को निखारने और उसकी स्त्रीत्व की अभिव्यक्ति के लिए माने जाते हैं , खास कर विवाह या विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक अवसरों पर।  

हर शृंगार शरीर के एक विशेष  एक्यूप्रेशर / ऊर्जा बिंदु को सक्रिय करता है  - जिससे शरीर और  दोनों स्वस्थ रहते हैं। ये 16 शृंगार इस प्रकार है:

1. सिंदूर (Vermilion) -  मांग में सिंदूर लगाना, विवाहित महिला का प्रतीक है। सिर की नसों पर दबाव डालता है जिससे तनाव कम होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। 

सिंदूर (Vermilion)

2. बिंदी (Bindi) - महिलाएं माथे पर लगाई जाती है, जो सौंदर्य और सौभाग्य का प्रतीक होती है। एकाग्रता बढ़ाती है और मन को स्थिर रखती है।  

3. काजल (Kajal) - आँखों कप सुन्दर बनाने और नजर से बचाने के लिए लगाया जाता है। आंखो को ठंडक देता है और नजर दोष से बचाता है। 

4. मांग टिका (Maang Tikka) - सिर के मध्य में बालों की मांग में पहना जाता है। माथे के बीच स्थित आज्ञा चक्र को सक्रीय करता है, जिससे हार्मोनल बैलेंस बना रहता है। 

5. नथ (Nath ) नाक की बाली - नाक में पहनी जाती है , स्त्रीत्व और पारंपरिकता का प्रतीक। नाक के एक्यूप्रेशर पायंट्स को उत्तेजित करती है, जिससे गर्भाशय और प्रजनन स्वाथ्य सुधरता है। 

6. कर्णफूल /झुमके(Earrings) - कानों में पहने जाते हैं। कानों के नर्व पॉइंट्स को सक्रिय कर मूड और हार्मोन को संतुलित करता है। 

7. मेहंदी  (Mehendi ) - शरीर को ठंडक देती है, तनाव और थकान काम करती है। 

8. मंगलसूत्र (Mangal Sutra) - विवाहित स्त्री के लिए पवित्र गहना। हृदय और कंठ चक्र को संतुलित कर भावनात्मक स्थिरता देता है। 

9. बाजूबंद और गजरा (Bajuband and Gajra) - बाजुओं पर पहने जाने वाले गहने। फूलों की खुशबू से मन शांत होता है और तनाव दूर होता है। 

10. चूड़ियाँ (Chudi) - हाथों की कलाई में पहनी जाती है। कलाई के एक्सूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव डालती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। शादीशुदा महिलाएं - लहठी चूड़ियां सौभाग्य का प्रतीक मानती है।  शादी, तीज , करवाचौथ जैसे पर्वो में औरतें ऐसे शुभ मानकर पहनती है। राजस्थनी और बिहारी परंपरा में इसे सिंदूर जितना पवित्र मन जाता है। 


लहठी चूड़ियां  (Lahathi Churi)
लहठी चूड़ियां  (Lahathi Churi)

11. अंगूठी (Ring) - हाथ की उंगलियों में पहनी जाती है। उंगलियों के नर्व पॉइंट्स को उत्तेजित कर दिल और दिमाग का तालमेल बढ़ाती है। 

Mehndi & Ring
अंगूठी (Ring)

12. कमरबंद /कबरपट्टा (Kamarbandh) - कमर पर बांधा जाता है। निचले पेट को सहारा देता है, पाचन और प्रजनन स्वास्थ्य को सुधारता है। 

13. पायल (Payal) - पैरों के सुंदरता के लिए। टखनों के पॉइंट्स पर हल्का दबाव डालती है, ब्लड सर्क्युलेशन और एनर्जी फ्लो बढ़ाती है। 

पायल (Payal)


14. बिछुए/बिछिया (Bichhiya) - पैरों  की उंगलयों में पहने जाते हैं , विवाहित स्त्री का संकेत। पैरों की उंगलियों के नसों को उत्तेजित कर फर्टिलिटी और यूटरस हेल्थ बेहतर करती है। 

15. आलता (Aalta) और इत्र (Perfume)- पैरों के तलवों के नसों को सक्रिय कर ब्लड फ्लो और एनर्जी एक्टिवेशन में मदद करता है।  सुगंध से मूड फ्रेश, मन शांत और पोसिटिव एनर्जी का एहसास होती है। 

16. वस्त्र/साड़ी या पारंपरिक पोशाक (Clothing/Sari or Traditional Dress) -  भारतीय सुन्दर पारम्परिक परिधान साड़ी। जिसे महिलाएँ लगभग हर राज्य में पहनी जाती है।  यह आमतौर पर 5 से 9 गज लंबा कपड़ा होता है, जिसे शरीर के चारों ओर लपेटा जाता है और ब्लॉउज व पेटीकोट के साथ पहना जाता है। 


भारतीय परंपरा में सोलह श्रृंगार
भारतीय परंपरा में सोलह श्रृंगार 



प्रमुख भारतीय साड़ी के प्रकार: बनारसी साड़ी(उत्तर प्रदेश), मिथला साड़ी (बिहार), भागलपुरी सिल्क  साड़ी (बिहार), कांजीवरम साड़ी (तमिलनाडु ), पैठनी साड़ी (महाराष्ट्र),  चंदेरी साड़ी (मध्य प्रदेश), बालूचरी साड़ी (पश्चिम बंगाल), सम्बलपुरी साडी, (ओड़िसा), पटोला साड़ी (गुजरात)

हर साड़ी  की अपनी सस्कृति, परंपरा और कहानियाँ होती है। जो भारतीय परिधान की विविधता को दर्शाती है। 

तो ये 16  शृंगार केवल परंपरा नहीं, बल्कि महिलाओं के शरीर की प्राकृतिक थेरेपी हैं।  हर श्रृंगार एक ऊर्जा केंद्र को जगाता है, जिससे महिलाएं और भी तेजस्वी, संतुलित और आत्मविश्वासी बनती है। 


धन्यवाद 🙏


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सभी हिन्दू बहनों को रामायण से सीखनी चाहिए - ये तीन बातें

September 19, 2025

 

सभी बहनों को रामायण से सीखनी चाहिए - ये तीन बातें
जय श्री राम  

 रामायण से सीखनी चाहिए - ये तीन बातें 

जय श्री राम🙏, इस ब्लॉग में, मैं  रामायण से हमें तीन मोटी -मोटी  बातें  हमेशा याद रखना चाहिए।  जो इस प्रकार है :

         1 . माता सीता जी -  से हमें चरित्र की पवित्रता (Purity of  Character) की शिक्षा मिलती है। धैर्य और आदर्श आचरण का प्रतीक हैं  माता सीता उनका जीवन संघर्षों से भरा था,  किंतु उन्होंने कभी भी अपनी नैतिकता और सत्यनिष्ठा से समझौता नहीं किया। आप उनसे सीख सकते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी आत्म-सम्मान और चरित्र की पवित्रता (Purity of  Character) से बढ़ कर कुछ भी नहीं है। उनकी भक्ति, कर्तव्यनिष्ठा  और साहस प्रत्येक स्त्री के लिए अनुकरणीय है।  
 
माता सीता
Purity of  Character

       2. प्रभु राम जी - से हमें  आत्मरक्षा (Self-defence) की शिक्षा मिलती है। जब वो वनवास गए।  तब उन्होंने सब कुछ त्याग दिया था। लेकिन अपना धर्म, भगवा वस्त्र , धनुष-बाण, और मर्यादा को नहीं छोड़ा। इसलिए प्रभु राम को  मर्यादापुरुषोत्तम भी कहा जाता है।  मर्यादित स्त्री-पुरुष (Decent man and woman) हर जगह सम्मान पाते हैं। 

प्रभु राम
Self-defence

       3. लंका पति रावण से - रावण ने हमें सिखाया कभी किसी स्त्री (Female) को भगवा वस्त्र , कलावा,              तिलक,कमण्डल  इत्यादि को देख कर अथार्त साधू भेष को देख कर अपनी लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए। 

अपनी लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए
Laxman Rekha 

वर्तमान समय में भी हमारे समाज में माता-बहनें आए दिन रावण जैसे जिहादी का शिकार हो रही हैं  बाज़ारो में  चौक-चौराहे पर इसके अलावा  मॉल, जिम, होटल, अस्पताल और कुछ शिक्षण संस्थान इत्यादि  में रावण के भेष में आवारे लफंगे, कुछ असामाजिक तत्वा लव जिहादी कट्टर मानसिकता के लोग अपना मजहब  और नाम बदलकर हिन्दू  बहन-बेटियों  को अपने प्रेम जाल में फसाते हैं फिर झूठी कस्मे और वादे कर तथा अपना धर्म, नाम, बदलकर हिन्दू  बहन-बेटियों  के साथ शादी/निकाह  करते है  फिर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर करते हैं और  इस्लाम नहीं मानने पर उन्हें तलाक दे देते हैं  जिससे उस लड़की की जीवन नर्क के सामान हो  बन जाती  हैं।  इसके बाद कई पीड़ित लड़कियां आत्म-हत्या तक कर लेती हैं।  


एक जानकारी के अनुसार लाखों कि संख्या में लड़कियों को देश तथा विदेशों में बेच देते हैं  और  फिर इन्हे वेश्या वृति जैसे घिनौने कार्यो  में लगा देते हैं। 


निष्कर्ष: महिलाओं को लेकर जिहादी मानसिकता के लोगों में कोई परिवर्तन नहीं हुई है और ना कभी होगी। अतः सभी माताओं एवं बहनों से विनती है की अपने धर्म को लेकर सजग (Aware) रहें, माता-पिता के सम्मान, समाज, घर कि इज्जत को तथा अपने जीवन को नर्क न होने दे।  रामायण कि ये तीन बातें  सदैव  याद रखने कि जरुरत है। 

जय श्री राम 🙏


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जय हिन्द ! वन्दे मातरम् !!
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घर बैठे राशन कार्ड में नए सदस्य को कैसे जोड़े? देखें पूरी प्रक्रिया

August 25, 2025


नमस्कार दोस्तों! राशन कार्ड हम सभी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, जो हमें सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर आवश्यक खाद्य सामग्री प्राप्त करने में मदद करता है। समय के साथ, हमारे परिवार में नए सदस्य जुड़ते रहते हैं - चाहे वह एक नन्हा मेहमान हो, या विवाह के बाद कोई नया सदस्य परिवार का हिस्सा बने। ऐसे में, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी होता है कि हमारे राशन कार्ड में सभी सदस्यों के नाम दर्ज हों ताकि सभी को उनके हिस्से का राशन मिल सके।



पहले, नए सदस्यों को राशन कार्ड में जुड़वाने की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल हुआ करती थी, जिसमें सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब, डिजिटल इंडिया की पहल के तहत, "मेरा राशन ऐप" ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान और सुविधाजनक बना दिया है। यह ऐप "वन नेशन, वन राशन कार्ड" (ONORC) योजना को भी साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो आइए, आज हम विस्तार से जानेंगे कि आप "मेरा राशन ऐप" का उपयोग करके अपने राशन कार्ड में एक नए सदस्य को कैसे आसानी से जोड़ सकते हैं। चिंता न करें, यह प्रक्रिया उतनी मुश्किल नहीं, जितनी लगती है।


इससे पहले कि हम प्रक्रिया को समझें, आइए संक्षेप में यह जान लें कि नए सदस्य को राशन कार्ड में जोड़ना क्यों ज़रूरी है:


  • परिवार के सभी सदस्य अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए उनका नाम राशन कार्ड में होना आवश्यक है।
  • कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का विवरण सही होना ज़रूरी है।
  • यह प्रक्रिया सरकार को ज़रूरतमंद परिवारों की सही संख्या जानने और उन्हें प्रभावी ढंग से सहायता पहुँचाने में मदद करती है।
  • परिवार के मुखिया के लिए अपने परिवार के सदस्यों की सही जानकारी सरकार के पास दर्ज कराना एक प्रकार की कानूनी अनिवार्यता भी है।


मेरा राशन ऐप के ज़रिए नए सदस्य को जोड़ने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)


नए सदस्य को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, कुछ तैयारी करना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि आवेदन करते समय आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। तो आइए, चरण-दर-चरण इस पूरी प्रक्रिया को समझते हैं:


चरण 1: "मेरा राशन" ऐप डाउनलोड करें और लॉगिन करें





सबसे पहले, अपने स्मार्टफोन में "मेरा राशन" ऐप डाउनलोड करना ज़रूरी है। यह ऐप Google Play Store (एंड्रॉइड फ़ोन के लिए) और Apple App Store (आईफोन के लिए) पर निःशुल्क उपलब्ध है।


भाषा चुनें: ऐप खोलते ही आपको भाषा का चयन करने का विकल्प मिलेगा (जैसे हिंदी या अंग्रेजी)। अपनी पसंद की भाषा चुनें।

लॉगिन करें: ऐप के होमपेज पर आपको लॉगिन का विकल्प मिलेगा। यहाँ आपको अपना 12 अंकों का राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद, "सबमिट" या "लॉगिन" बटन पर टैप करें। सफल लॉगिन के बाद, आपको अपने राशन कार्ड से संबंधित जानकारी दिखाई देगी।





चरण 2: आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें


नए सदस्य को जोड़ने के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी। इन दस्तावेज़ों की डिजिटल कॉपी (फोटो या पीडीएफ) अपने फ़ोन में तैयार रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि आपको इन्हें ऐप के माध्यम से अपलोड करना होगा। सुनिश्चित करें कि फोटो स्पष्ट और पठनीय हों।


नए सदस्य का आधार कार्ड: नए सदस्य का आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो)। नवजात शिशु के मामले में, आधार कार्ड बनने तक जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा सकता है।

जन्म प्रमाण पत्र (नवजात शिशु के लिए): यदि आप किसी नवजात शिशु को जोड़ रहे हैं, तो उसका जन्म प्रमाण पत्र।

विवाह प्रमाण पत्र (विवाहित सदस्य के लिए): यदि आप विवाह के बाद किसी नई सदस्य (जैसे बहू) को जोड़ रहे हैं, तो विवाह प्रमाण पत्र।

पुराना राशन कार्ड से नाम हटाने का प्रमाण (यदि लागू हो): यदि सदस्य पहले किसी और राशन कार्ड में था (जैसे विवाहित बेटी का नाम उसके मायके के राशन कार्ड से हटवाना), तो उस राशन कार्ड से नाम हटाने का प्रमाण पत्र (Deletion Certificate) आवश्यक हो सकता है।

परिवार के मुखिया का आधार कार्ड: परिवार के मुखिया का आधार कार्ड, जिससे नए सदस्य का संबंध स्थापित किया जा सके।

अन्य सहायक दस्तावेज़: आवश्यकता पड़ने पर निवास प्रमाण पत्र या पते का कोई अन्य प्रमाण (जैसे बिजली का बिल, पानी का बिल) भी मांगा जा सकता है, हालांकि आमतौर पर नए सदस्य को जोड़ने के लिए इनकी आवश्यकता नहीं होती।

पासपोर्ट साइज़ फोटो: नए सदस्य की एक पासपोर्ट साइज़ फोटो (कुछ राज्यों में इसकी आवश्यकता हो सकती है)।


चरण 3: "नए सदस्य को जोड़ें" या संबंधित विकल्प चुनें












लॉगिन करने के बाद, आपको ऐप में कई विकल्प दिखाई देंगे। आपको "नए सदस्य जोड़ें" (Add New Member) या "राशन कार्ड में संशोधन" (Ration Card Amendment) जैसा विकल्प खोजना होगा। यह विकल्प आमतौर पर 'सर्विसेज' (Services) या 'माई सर्विसेज' (My Services) सेक्शन में मिलेगा। इस विकल्प पर टैप करें।


चरण 4: नए सदस्य की जानकारी भरें



अब इस फॉर्म में आपको नए सदस्य से संबंधित जानकारी सही-सही भरनी होगी। यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कोई भी गलती आपके आवेदन को रद्द करवा सकती है।


नाम: नए सदस्य का पूरा नाम, जैसा कि उनके आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र पर है।

आधार नंबर: नए सदस्य का 12 अंकों का आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो)।

जन्म तिथि: नए सदस्य की जन्म तिथि।

लिंग: पुरुष, महिला या अन्य।

परिवार के मुखिया से संबंध: नए सदस्य का राशन कार्ड के मुखिया से क्या संबंध है (जैसे - पुत्र/पुत्री, पत्नी, माता-पिता, भाई/बहन)।

मोबाइल नंबर (वैकल्पिक- Optional ): यदि सदस्य का अपना मोबाइल नंबर है तो दर्ज कर सकते हैं।

पेशा (Occupation): सदस्य का पेशा (जैसे छात्र, गृहिणी आदि)।


चरण 5: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें.


"दस्तावेज़ अपलोड करें" (Upload Documents) पर टैप करें।

सही दस्तावेज़ चुनें: आपको प्रत्येक दस्तावेज़ के लिए अलग-अलग अपलोड का विकल्प मिलेगा (जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र आदि)।

अब अपने फ़ोन के कैमरे का उपयोग करके दस्तावेज़ की स्पष्ट फोटो खींचें, या यदि आपने पहले से फोटो खींच रखी है तो गैलरी से चुनें। सुनिश्चित करें कि दस्तावेज़ का पूरा हिस्सा फोटो में आ रहा हो और वह स्पष्ट दिखाई दे।सभी आवश्यक दस्तावेज़ एक-एक करके अपलोड करें।


चरण 6: विवरण की समीक्षा करें और आवेदन सबमिट करें


सभी जानकारी भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद, सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सभी दर्ज की गई जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेज़ों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें।


जाँच करें: नाम की स्पेलिंग, आधार नंबर, जन्म तिथि और संबंधों की दोबारा जाँच करें। सुनिश्चित करें कि कोई त्रुटि न हो।

नियम और शर्तें: यदि कोई नियम और शर्तें या घोषणापत्र दिखाई दे, तो उसे पढ़ें और स्वीकार करें।

सबमिट करें: सभी जाँच पूरी होने के बाद "सबमिट" (Submit) बटन पर टैप करें।


आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद, आपको एक आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) या पावती संख्या (Acknowledgement Number) प्राप्त होगी। इस संख्या को सुरक्षित रूप से कहीं लिख लें या इसका स्क्रीनशॉट ले लें, क्योंकि यह भविष्य में आपके आवेदन की स्थिति जानने के काम आएगी।


चरण 7: आवेदन की स्थिति ट्रैक करें


आवेदन सबमिट करने के बाद, आप "मेरा राशन" ऐप के माध्यम से ही अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।


Note : "आवेदन की स्थिति देखें" (Check Application Status) या "ट्रैक एप्लीकेशन" (Track Application) जैसे विकल्प पर जाएँ।

अपनी प्राप्त हुई आवेदन संदर्भ संख्या (Reference No. ) दर्ज करें। अब आपको अपने आवेदन की मौजूदा स्थिति दिखाई देगी (जैसे - विचाराधीन, स्वीकृत, अस्वीकृत)।

प्रसंस्करण समय: आमतौर पर, इस प्रक्रिया में कुछ दिन या सप्ताह लग सकते हैं, क्योंकि आपके आवेदन और दस्तावेज़ों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाती है। यदि आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो नए सदस्य का नाम आपके राशन कार्ड में जोड़ दिया जाएगा।


कुछ महत्वपूर्ण बातें और सुझाव:

हमेशा सही और सटीक जानकारी दें। गलत जानकारी देने पर आपका आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।

स्पष्ट दस्तावेज़: अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज़ों की फोटो या स्कैन की गई कॉपी स्पष्ट और पठनीय होनी चाहिए। धुंधली या कटी हुई फोटो से बचें।

पंजीकृत मोबाइल नंबर( Register Mobile Number) : यदि राशन कार्ड से कोई मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो उसे लिंक करवा लें ताकि आपको अपडेट प्राप्त हो सकें।

यदि आपको ऐप का उपयोग करने में कोई कठिनाई आती है, तो आप अपने राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पोर्टल पर भी जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सहायता (Help): यदि किसी भी चरण में आपको कोई समस्या आती है, तो आप अपने स्थानीय खाद्य आपूर्ति कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या ऐप में दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

नोट - राशन कार्ड में सदस्य का नाम जोड़ने के लिए आमतौर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यदि कोई आपसे पैसे मांगता है तो इसकी शिकायत करें।


"मेरा राशन ऐप" ने राशन कार्ड से संबंधित सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सुलभ और पारदर्शी बना दिया है। यह न केवल आपका समय और ऊर्जा बचाता है, बल्कि सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए एक आधुनिक और कुशल तरीका भी प्रदान करता है। तो, अगली बार जब आपके परिवार में कोई नया सदस्य जुड़े, तो बिना किसी हिचकिचाहट के "मेरा राशन ऐप" का उपयोग करें और सभी को उनके हक का राशन दिलाएँ। यह वाकई एक छोटा सा कदम है, लेकिन सुविधा और पारदर्शिता की दिशा में एक बहुत बड़ा प्रयास है! इसके माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को दिल से धन्यवाद !


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घर बैठे राशन कार्ड में नए सदस्य को कैसे जोड़े? देखें पूरी प्रक्रिया घर बैठे राशन कार्ड में नए सदस्य को कैसे जोड़े? देखें पूरी प्रक्रिया Reviewed by Neel Kamal on August 25, 2025 Rating: 5

अपने घर के छत पर Free Solar Rooftop Yojana के तहत फ्री में सोलर पैनल लगवाएं ! आज ही आवेदन करें !!

January 20, 2022

सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana)

देश और विदेश में बढ़ती बिजली की खपत/ डिमांड और तेजी से घटते प्राकृतिक खनिज पदार्थ कोयला को देखते हुए। आने वाले समय में सौर ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग होने की संभावनाएं है। भारत में उच्च सौर आतपन सौर ऊर्जा को भारत के लिए एक आदर्श ऊर्जा स्रोत बनाता है।

अपने घर के छत पर Free में Solar Panels लगवाएं
Solar Rooftop Yojana

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु भारत सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) चलाई जा रही है। जिसका उद्देश्य बढ़ती बिजली महंगाई दर के मध्य नजर आम आदमी को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। बिजली की बढ़ती डिमांड /खपत  के साथ इसकी लागत भी बढ़  रही है। अब आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) के तहत फ्री में बिजली का भी लाभ उठा सकेंगे। केंद्र सरकार सोलर पैनल लगाने में आम लोगों को मदद करने के लिए तत्पर है। 

केंद्र सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Yojana) चलाई जा रही है। साथ में सौर ऊर्जा छत योजना भारत सरकार ने देश अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रही है।  सरकार सोलर उपभोगताओं को सोलर रूफटॉप इंस्टालेशन पर लगभग 40% की सब्सिडी दे रही है। 

अपने घर की छत पर सौर पैनल (Solar Panel) लगाकर आप अपने घर की बिजली की लागत को लगभग 30% से 50% तक कम कर सकते हैं। सोलर रूफटॉप  से 25 वर्षो तक बिजली मिलेगी और 5 से 6 साल में  खर्च का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद आप अगले 19  से 20 वर्षो तक सौर पैनल (Solar Panel) से फ्री बिजली का लाभ मिलता रहेगा।

आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) के लिए ऑनलाइन आवेदन इस तरह कर सकते हैं

  • सबसे पहले official website https://solarrooftop.gov.in पर जाना होगा।

  • फिर Home Page पर Apply For Solar Roofing पर click करें।

  • Next Page पर अपना State सेलेक्ट करे , फिर आपको अपने फ़ोन /कंप्यूटर की स्क्रीन पर सौर पैनल (Solar Panel) रूफ एप्लीकेशन दिखाई देगी। अब सभी जरुरी विवरण यहाँ भरना होगा और पुनः Submit पर click करें।

👉आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Scheme) के लिए किसी भी बिजली वितरण कंपनी के नजदीकी कार्यालय में संपर्क  सकते हैं। और अधिक जानकारी लिए आप https://mnre.gov.in/ पर जा सकते हैं।

👉For any information regarding Solar Rooftop Yojana Call on Toll Free Number - 1800-180-3333 or Visit the official website for details - https://solarrooftop.gov.in

 

भारत में सौर ऊर्जा - Solar Energy in India

भारत सौर ऊर्जा हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में सौर ऊर्जा खर्चीली है और इस पर भारी निवेश की जरूरत पड़ती है। सौर ऊर्जा का स्‍वरूप अस्थिर है जिससे इसे ग्रिड में समायोजित करना मुश्किल होता है। लोगों की जागरुकता का अभाव, उच्‍च उत्‍पादन लागत तथा वर्तमान ऊर्जा को छोड़ने की सीमाएं एवं पारेषण (Limits and Transmission) नेटवर्क को देशभर में सौर ऊर्जा क्षमता के भरपूर दोहन की दि‍शा में मुख्‍य बाधा के रूप में माना गया है। 

जानिए भविष्य में सौर ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग क्यों होगा
Solar Energy - Reduce Electricity Bill

हैंडबुक ऑन सोलर रेडिएशन ओवर इंडिया के अनुसार, भारत के अधिकांश भाग में एक वर्ष में 250-300 धूप निकलने वाले दिनों सहित प्रतिदिन प्रति वर्गमीटर 4-7 किलोवाट घंटे का सौर विकिरण प्राप्त होता है।  वहीं राजस्थान और गुजरात में प्राप्त सौर विकिरण उड़ीसा में प्राप्त विकिरण की अपेक्षा ज्यादा है। देश में 30-50 मेगावाट/ प्रतिवर्ग किलोमीटर छायारहित खुला क्षेत्र होने के बावजूद उपलब्‍ध क्षमता की तुलना में देश में सौर ऊर्जा का दोहन काफी कम है (जो 31-5-2014 की स्थिति के अनुसार 2647 मेगावाट है)। 

2014 में नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए जिसके फलस्वरूप 2016 मकर संक्रांति/पोंगल तक भारत में सौर ऊर्जा की स्‍थापित क्षमता 5,000 मेगावाट का जादुई आंकड़ा पार कर गई।

2015 में हुए पेरिस जलवायु सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने भारत के नेतृत्व में 100 से भी अधिक "सूर्यपुत्र" देशों के संगठन इंटरनेशनल एजेंसी फॉर सोलर टेक्नोलॉजीज़ एंड एप्लीकेशन्स की भी घोषणा किया।

वर्तमान स्थिति

*14 जनवरी, 2016 तक की स्थिति के अनुसार ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को चालू किये जाने की ताजा स्थिति का राज्‍यवार ब्‍यौरा नीचे निम्‍नलिखित है:

States/Union Territory          Schemes 

1. Andhra Pradesh         -         357.34

2. Arunachal Pradesh    -          0.265

3. Chhatisgarh                -         73.18

4. Gujarat                       -         1024.15

5. Haryana                     -         12.8

6.Jharkhand                    -         16

7.Karnataka                    -         104.22

8.Keral                            -         12.025

9.Madhya Pradesh          -         678.58

10.Maharashtra               -         378.7

11.Ordisa                         -         66.92

12.Punjab                        -         200.32

13.Rajasthan                    -         1264.35

14.Tamilnadu                   -         418.945

15.Telangana                    -         342.39

16.Tripura                         -         5

17.Uttar-Pradesh               -        140

18.Utarakhand                  -        5

19.West Bangal                 -       7.21

20.Andaman and Nicobar -       5.1

21.Delhi                            -       6.712

22.Lakshadweep               -       0.75

23.Puduchery                    -       0.025

24.Chandigarh                   -       5.041

25.Daman and Diu            -        4

26.Other                            -        0.79

                                    Total= 5129.813

भारतीय सौर मिशन (Indian Solar Mission)

जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन योजना की शुरुआत 2009 में जलवायु परिवर्तन पर राष्‍ट्रीय कार्य योजना के एक हिस्‍से के रूप में की गई। इस मिशन का लक्ष्य 2022 तक 20 हजार मेगावाट क्षमता वाली ग्रिड से जोड़ी जा सकने वाली सौर बिजली की स्‍थापना और 2 हजार मेगावाट के समतुल्‍य गैर-ग्रिड सौर संचालन के लिए नीतिगत कार्य योजना का विकास करना है। इसमें सौर तापीय तथा प्रकाशवोल्टीय दोनों तकनीकों के प्रयोग का अनुमोदन किया गया।

इस मिशन का उद्देश्‍य/लक्ष्‍य (Objective/Goal of This Mission):

(1) 2022 तक 20 हजार मेगावाटा क्षमता वाली-ग्रिड से जुड़ी सौर बिजली पैदा करना मिशन लक्ष्‍य,

(2) 2022 तक दो करोड़ सौर लाइट सहित 2 हजार मेगावाट क्षमता वाली गैर-ग्रिड सौर संचालन की स्‍थापना

(3) 2 करोड़ वर्गमीटर की सौर तापीय संग्राहक क्षेत्र की स्‍थापना

(4) देश में सौर उत्‍पादन की क्षमता बढ़ाने वाली का अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण और

(5) 2022 तक ग्रिड समानता का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए अनुसंधान और विकास के समर्थन और क्षमता विकास क्रियाओं का बढ़ावा शामिल है।

दूरवर्ती ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम (Remote Rural Electrification Program)

इस कार्यक्रम के तहत उन गांवों एवं कस्बों में नवीकरणीय उर्जा के जरिए प्रकाशबिजली की व्यवस्था करनी है इस कार्यक्रम के तहत गांवों और कस्बों को 90 प्रतिशत केन्द्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। हालाँकि, इस कार्यक्रम में सौर ऊर्जा (Solar Energy) सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे लघु जलविद्युत योजना, पवनचक्कीं, बायोमास आदि भी शामिल हैं। दूरवर्ती ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 2011-12 से 2013-14 के दौरान विभिन्‍न राज्यों 819 गाँवों में सौर ऊर्जा के लिए स्वीकृति दी गई।

प्रमुख परियोजनाएँ (Major Projects)

राजस्थान में जयपुर के पास सांभर में हिंदुस्तान सॉल्ट्स लिमिटेड की खाली पड़ी जमीन पर 4,000 मेगावाट क्षमता की एक परियोजना 2014 से लगाई जाएगी। इसे सरकारी क्षेत्र की छह प्रमुख कंपनियां- भेल, पावरग्रिड, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन, सतलुज जल विद्युत निगम, हिंदुस्तान साल्ट्स और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स मिलकर लगाएंगी। इसके लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद ऐसी अन्य सोलर पावर परियोजनाएँ लगाने का काम भी जल्द शुरू होगा। परियोजना के पहले चरण में एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जो वर्ष 2017 तक शुरू हो जाएगा। शेष 3,000 मेगावाट क्षमता का विस्तार दूसरे चरण में किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त तीन वर्ष का समय लगेगा।

बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम (Steps Taken to Promote)

जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा मि‍शन की ऑफ ग्रिड तथा विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा के अंतर्गत, मंत्रालय 27 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी से 135 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी के बीच सौर ऊर्जा पीवी प्रणाली तथा विद्युत संयंत्रों की स्‍थापना के लिए 30 प्रति‍शत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है। विशेष श्रेणी के राज्‍यों अर्थात् पूर्वोत्‍तर राज्‍यों, सिक्किम, जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्‍तराखंड, लक्षदीप और अंडमान निकोबार द्वीप के लिए मंत्रालय सरकारी संगठनों (वाणिज्‍य संगठनों और कारपोरेशनों के लिए नहीं) हेतु 81 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी से 405 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी के बीच 90 प्रतशित पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, सौर जल तापक प्रणाली, सौर लालटेन, घरों और सड़कों की लाइटें तथा पीवी पॉवर प्‍लांटो जैसे सौर फोटो वोल्‍टेइक प्रणालियों के लिए 30 प्रतिशत तक की केन्‍द्रीय वित्‍तीय सहायता (CFA) उपलब्‍ध करवा रहा है। यह सीएफए पूरे देश के लिए एक समान है, लेकिन विशेष श्रेणी के राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेश द्वीपों और अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा से लगे जिलों में सौर जल तापक प्रणाली के लिए सीएफए 60 प्रतिशत तक और कुछ श्रेणियों की सरकारी संस्‍थानों के लिए सौर फोटो वोल्‍टेइक प्रणालियों के लिए यह 90 प्रतिशत तक है।

*Source : Wikipedia

राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (National Solar Energy Organisation)

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सौर विद्युत प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, विकास और परीक्षण करने के लिए राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (नाइस) की स्‍थापना की है।

  • बिट्टा सौर ऊर्जा संयंत्र (Bitta Solar Power Plant) 40 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयन्त्र है जो गुजरात के बिट्टा गाँव में स्थित है। इसकी स्थापना 2012 के आरम्भ में हुई थी।
  • कामुती सौर ऊर्जा परियोजना तमिलनाडु के कामुती में कार्यरत विश्व की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना है। इसका निर्माण अडाणी पॉवर ने किया है।
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Neel Kamal
अपने घर के छत पर Free Solar Rooftop Yojana के तहत फ्री में सोलर पैनल लगवाएं ! आज ही आवेदन करें !!  अपने घर के छत पर Free Solar Rooftop Yojana के तहत फ्री में सोलर पैनल लगवाएं ! आज ही आवेदन करें !! Reviewed by Neel Kamal on January 20, 2022 Rating: 5

ऐसे करें घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक

January 05, 2022

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा एक चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 पारित की गई है इस कानून के तहत अब  सभी भारतीयों को जिनके पास वोटर आईडी कार्ड है उन्हें अपने आधार कार्ड से डिजिटली लिंक करना होगा। 

यदि आप अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करना चाहते हैं, तो हम आपको कुछ आसान सा स्टेप्स/तरीके  बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने वोटर आईडी  को आधार से लिंक कर सकते हैं। 

आइए हम आपको यहां तीन तरीके(Methods) बताएंगे जिनके जरिए आप घर बैठे अपने आधार कार्ड को वोटर आईडी कार्ड से लिंक कर पाएंगे। 

Method-1

  1. सबसे पहले NVSP के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।  यहां अपने Mobile No. या E-Mail ID के  द्वारा लॉगिन करना होगा। 
    घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक
    NVSP
  2. यदि आप NVSP पर नए  है  और अभी तक यहाँ आपका अकाउंट नहीं है, तो सबसे पहले NVSP अपने  आप को रजिस्टर करें फिर लॉगिन करने के बाद Search on Electoral Roll पर क्लिक करें।  अब नीचे दिए गए ऑनलाइन प्रोफोर्मा में पर्सनल डिटेल्स केअलावा राज्य का नाम भी एंटर करें। इसी तरह आप अपने वोटर आईडी नंबर का भी प्रयोग कर सकते हैं। फिर Capcha कोड एंटर करके सर्च वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
    Search On Electoral Roll
    Search On Electoral Roll

  3. इसके बाद 'All Details' ऑप्शन पर टैप करें यहाँ आपकी स्क्रीन पर नया पेज ऑप्शन होगा और इसमें आप  'Feed Aadhar No' ऑप्शन पर क्लिक करें अब नई स्क्रीन ओपन होगी। यहां अपनी पर्सनल जानकारी एंटर करके सबमिट पर टैप करना है। इस तरह वोटर आईडी कार्ड आपके आधार से लिंक हो जाएगा।

 Method-2

SMS द्वारा भी आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करें

SMS सेंड कर आप अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर के जरिए भी अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक कर सकते हैं। ये है इसका तरीका :

ECILINK<स्पेस > VOTER ID Number<स्पेस>Aadhar Card Number 166 या 51969 पर सेंड करें।


Method-3

फोन कॉल द्वारा भी आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करें 

भारत सरकार द्वारा जारी किया हुआ डेडिकेटेड नंबर 1950 पर आप वर्किंग डेज/आवर में (मॉर्निंग 10:00 am से इवनिंग 5:00 pm) बजे के बिच में कॉल कर के भी आप अपने आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करवा सकते हैं। 

 

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ऐसे करें घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक ऐसे करें घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक Reviewed by Neel Kamal on January 05, 2022 Rating: 5

जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना

December 26, 2021

अब खुद घर बैठे करें डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड

दोस्तों, आज हमलोग जानेंगे Digital Voter ID Card यानि डिजिटल मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड करना। वर्तमान समय में आधार कार्ड की तरह ही वोटर आईडी कार्ड भी डिजिटल हो गया है जिसे हम कुछ आसान सा स्टेप्स फॉलो कर बहुत ही सरल तरीके से डाउनलोड कर सकते हैं। 

जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करें

जैसा कि हम सब जानते है की वोटर आईडी कार्ड भारत के नागरिक होने का एक प्रमाण-पत्र है। जो कि हम भारतीयों को सरकार चुनने के लिए वोट देने का अधिकार प्रदान करती है।  भारत में रहने वाले 18 वर्ष या उससे बड़े लोगों का वोटर आईडी कार्ड बनाया जाता है ये कार्ड न सिर्फ वोट (मत) देने का अधिकार देता है, बल्कि ये आपका मौलिक पहचान पत्र भी होता है। जिसका इस्तेमाल बैंक में आकउंट खुलवाने से लेकर  घर या जमींन के लिए भी होता है। ये अति महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है जो की भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्गत की जाती है अत: इसकी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी को अपने पास डाउनलोड कर रखना चाहिए ताकि जरुरत पड़ने पर इसे इस्तेमाल में लाया जा सके। कई बार वोटर आईडी कार्ड खो जाती है अब चिंता करने की जरुरत नहीं है आप इसे पुनः डाउनलोड कर सकते हैं। 

तो आइए आज हमलोग डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना सीखते हैं स्टेप बाई स्टेप :

स्टेप -1 

अपना डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड  करने के लिए हमें सबसे पहले चुनाव आयोग के ऑफिसियल वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/  or https://www.nvsp.in को ओपन करना होगा। ओपन करने के बाद आप वोटर सर्विस पोर्टल पर लॉगिन करें। 

ऑफिसियल वोटर सर्विस पोर्टल
ऑफिसियल वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/

 स्टेप -2 

वोटर सर्विस पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए आपको अपनी मेल आईडी और मोबाइल नंबर की आवश्यकता पड़ेगी। तभी आपका आकउंट बन पाएगा।  अब आप से जो भी जरुरी जानकारी मांगी जाए आप उसे भर दीजिए। 

 स्टेप -3

लॉगिन करने के बाद e-EPIC (Electoral Search)  or https://www.nvsp.in/EEPIC का आपको ऑप्शन दिखाई देगा। जिस पर क्लिक करने के बाद आपको अपने वोटर आईडी का नंबर एंट्री कर सर्च करना होगा अगर सर्च में वोटर आईडी प्राप्त हो जाता है तो उसे डाउनलोड कर लें। 

Search Your Name in Electoral Roll using Voter ID Number
EPIC Search for Voter ID Card

अन्यथा Advance Search ऑप्शन पर क्लिक कर है अपना पर्सनल इनफार्मेशन भर कर सर्च करना होगा, वोटर आईडी का डिटेल्स प्राप्त होने पर ही आप डिजिटल वोटर आईडी कार्ड का PDF डाउनलोड कर पायेंगे। जिसका सॉफ्ट कॉपी आप डाउनलोड कर अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप/कम्प्यूटर इत्यादि में रख सकते हैं और इसका हार्ड कॉपी भी अपने पास प्रिंट करा कर रख सकते हैं।
Advance Search for Voter ID
Advance Search for Voter ID Card

नोट:- एक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा एक चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक  2021 पारित की गई है इस कानून के तहत अब  सभी भारतीयों को जिनके पास वोटर आईडी कार्ड है उन्हें अपने आधार कार्ड से डिजिटली लिंक करना होगा।

 

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जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना Reviewed by Neel Kamal on December 26, 2021 Rating: 5

बड़े राजनेता बिना पढ़े कैसे देते हैं लंबा भाषण, जाने इसके पीछे का तकनीक

December 22, 2021

नामीग्रामी राजनेता अपने भाषण को टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से पढ़ते हैं 

आज के इस डिजिटल वर्ल्ड में इंसान ने कई चीजे अपनी आवश्यकता अनुसार विकसीत कर ली है उनमें  इलेक्ट्रॉनिक टेली-प्रॉम्प्टर (Teleprompter) एक खास किस्म का डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो की कल्पना से परे है।  इस  तकनीक की मदद से जो बाइडन से लेकर नरेन्द्र मोदी तक लाखों की भीड़ के सामने बिना पढ़े लंबा भाषण देने के लिए करते हैं।परन्तु आपको लगता होगा कि बिना हाथ में कागज़ लिए प्रधानमंत्री और अन्य नेता-मंत्री घंटो कैसे भाषण दे लेते हैं। जबकि राजनेताओं को भाषण देते वक्त जनता की बड़ी समूह की ओर देखते हुए भाषण के साथ भी भाव व्यक्त करना होता है। ताकि लगे की वह जनता के साथ बड़े सहज तरीके से अपनी बात रख रहें है। 

The World famous leader uses teleprompter to speak in front of large audience
Teleprompter Used By Leaders

इसीप्रकार हमारे TV चैनल के एंकर भी टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल अपने प्रोग्राम में न्यूज़ पढ़ने लिए करते हैं। और आप सोचते होंगे कि वे बिना मुद्दों से इधर-उधर भटके इतनी शानदार और टू द पॉइंट बातें लगातार धाराप्रवाह कैसे बोल लेते हैं।

दोस्तों, टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारे मार्केट में उपलब्ध है परन्तु यह आम तौर पर उतना आम भी नहीं कि हर कोई इसके बारे में जान सके और इसका का प्रयोग कर सकें। 

 

टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

जो बाइडेन से लेकर मोदी तक अपने भाषण के लिए टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। इस डिवाइस में टेक्स्ट की सुविधा होती है , लेकिन यह पारदर्शी शीशे का होता है, इसलिए  रहने पर भी दर्शकों को दिखाई नहीं देता है। इस डिवाइस में ठीक मोबाइल की तरह टेक्स्ट को आगे-पीछे करने या फॉण्ट बढ़ाने की सुविधा होती है। जो व्यक्ति डिवाइस के क़रीब होगा केवल  दिखाई देता है, दूर वाले को इसका पता  चलता है। 

यह आमतौर पर सामान्य शीशे या ग्लास की तरह होता है, यही कारन है की दूर बैठे लोगों को यह डिवाइस पता नहीं चल है और उसे लगता है कि भाषण देने वाला स्वयं बोल रहा हो। 

टेली-प्रॉम्प्टर का इस्तेमाल भाषण देने वाले वयक्ति के नजदीक ही होता है, यही कारण है कि इस  वह जैसे चाहे, नियंत्रित कर सकता है। 

What is teleprompter
Teleprompter In-front of audience

जाने, टेली-प्रॉम्प्टर की कीमत बाज़ार में कितना है 

टेली-प्रॉम्प्टर कि कीमत ब्रांड और इसके बनावट के हिसाब से कम  या अधिक होती है।  लेकिन, साधारणतः यह बाजार में 50 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक की आती है। इसकी क्वालिटी इसकी ब्रांड पर निर्भर करती है। 

आजकल, आमतौर पर इसका प्रयोग राजनेता, टी वी एंकर तथा थियेटर कलाकार के साथ फिल्म इंडस्ट्री में अपने स्पीच और डायलाग तैयार करने में बड़े पैमाने पे करते हैं। इसके अलावा नामीग्रामी कॉलेज और सेमिनार में लेक्चर देने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। क्योंकि  इसमें असीमित स्पीच/लेक्चर लिखकर सुरक्षित रखने की सुविधा होती है।

बदलते समय के साथ दुनियाभर में टेली-प्रॉम्प्टर का डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। आधुनिकता को प्रदर्शित करने में टेली-प्रॉम्प्टर डिवाइस का प्रयोग बहुत ही सराहनीये कदम है। 

 

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बड़े राजनेता बिना पढ़े कैसे देते हैं लंबा भाषण, जाने इसके पीछे का तकनीक बड़े राजनेता बिना पढ़े कैसे देते हैं लंबा भाषण, जाने इसके पीछे का तकनीक Reviewed by Neel Kamal on December 22, 2021 Rating: 5
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