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AI टेक्नोलॉजी इसके फायदे और नुकसान

August 27, 2025

 

नमस्कार दोस्तों, आजकल AI शब्द हर जगह सुनाई देता है – स्मार्टफोन से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, कारों से लेकर घरों तक। लेकिन यह AI टेक्नोलॉजी आखिर है क्या? और कैसे यह हमारी जिंदगी को बदल रही है, बेहतर बना रही है, और साथ ही कौन सी नई चुनौतियां खड़ी कर रही है? आइए, इस जटिल विषय को सरल भाषा में समझते हैं।

The Power of Artificial Intelligence
AI welcome to the future

एआई टेक्नोलॉजी (AI Technology) क्या है? 

AI जिसका पूरा नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता है, कंप्यूटर विज्ञान का एक ऐसा क्षेत्र है जो मशीनों को इंसानों जैसी सोचने, समझने, सीखने, तर्क करने और समस्याओं को हल करने की क्षमता प्रदान करने पर केंद्रित है। इसका मूल विचार यह है कि मशीनें केवल उन कामों को न करें जिनके लिए उन्हें प्रोग्राम किया गया है, बल्कि वे अपने अनुभवों से सीखकर नए हालातों में भी खुद को ढाल सकें और निर्णय ले सकें।


AI कैसे काम करती है? AI कोई एक तकनीक नहीं, बल्कि कई तकनीकों का एक समूह है जो मिलकर काम करता है। इनमें से कुछ प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:


मशीन लर्निंग (Machine Learning - ML): यह AI का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। मशीन लर्निंग में डेटा (जानकारी) का उपयोग करके Algorithm (नियमों का सेट) को प्रशिक्षित किया जाता है। मशीनें इन डेटा पैटर्नों को पहचानती हैं और भविष्यवाणियां करती हैं या निर्णय लेती हैं, बिना स्पष्ट रूप से प्रोग्राम किए गए। उदाहरण के लिए, एक मशीन को लाखों बिल्लियों और कुत्तों की तस्वीरें दिखाकर यह सिखाया जा सकता है कि बिल्ली और कुत्ते में क्या अंतर है।

डीप लर्निंग (Deep Learning - DL): यह मशीन लर्निंग का एक उप-क्षेत्र है जो मानव मस्तिष्क की संरचना (न्यूरल नेटवर्क) से प्रेरित है। डीप लर्निंग नेटवर्क में कई परतें होती हैं जो बहुत बड़े और जटिल डेटासेट से सीख सकती हैं। यह चेहरा पहचान, आवाज पहचान और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बहुत सफल रही है।

प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (Natural Language Processing - NLP): यह एआई की वह शाखा है जो मशीनों को मानव भाषाओं (जैसे हिंदी, अंग्रेजी) को समझने, व्याख्या करने और उत्पन्न करने में सक्षम बनाती है। वॉयस असिस्टेंट (जैसे गूगल असिस्टेंट, सिरी) और चैटबॉट्स इसके बेहतरीन उदाहरण हैं।

कंप्यूटर विजन (Computer Vision): यह एआई को छवियों और वीडियो से जानकारी "देखने" और व्याख्या करने की क्षमता प्रदान करता है। चेहरा पहचान (face recognition), ऑब्जेक्ट डिटेक्शन (object detection) और सेल्फ-ड्राइविंग कारों में यह तकनीक महत्वपूर्ण है।

रोबोटिक्स (Robotics): रोबोटिक्स एआई और इंजीनियरिंग का संयोजन है जहाँ रोबोट बनाए जाते हैं जो भौतिक दुनिया में कार्य कर सकते हैं।

संक्षेप में, एआई मशीनों को स्मार्ट बनाने का विज्ञान है, जिससे वे उन कार्यों को कर सकें जिनके लिए आमतौर पर मानव बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है। यह केवल जटिल गणनाएं करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखना, समझना, तर्क करना और समस्याओं को रचनात्मक रूप से हल करना भी इसमें शामिल है।


एआई के फायदे (Benefits of AI)

एआई ने विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति ला दी है और हमारे जीवन को कई तरीकों से आसान और बेहतर बनाया है। इसके कुछ प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:

दक्षता और उत्पादकता में सुधार (Improve Efficiency and Productivity):

स्वचालन (Automation): एआई दोहराए जाने वाले, थकाऊ और खतरनाक कार्यों को स्वचालित कर सकता है। कारखानों में रोबोट, डेटा एंट्री, और ग्राहक सेवा में चैटबॉट्स इसके उदाहरण हैं। इससे मानवीय त्रुटियों में कमी आती है और काम तेजी से होता है।

डेटा विश्लेषण (Data Analysis): एआई भारी मात्रा में डेटा को तेजी से प्रोसेस और विश्लेषण कर सकता है, जिससे व्यवसायों और शोधकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है जो मानव आंखों से छूट सकती है।


स्वास्थ्य सेवा  में  क्रांति (Revolution in Healthcare ):

  • रोगों की पहचान और निदान: एआई डॉक्टरों को एमआरआई (MRI) स्कैन, एक्स-रे (X-ray) और अन्य मेडिकल इमेजेस का विश्लेषण करके बीमारियों (जैसे कैंसर) का जल्दी और अधिक सटीक निदान करने में मदद करता है।
  • दवाओं का विकास: नई दवाओं की खोज और विकास में लगने वाले समय और लागत को एआई कम कर सकता है।
  • व्यक्तिगत उपचार: एआई रोगी के डेटा के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजनाएं बनाने में मदद कर सकता है, जिससे उपचार अधिक प्रभावी होता है।

शिक्षा में नए आयाम (New Dimension in Education):

  • व्यक्तिगत पढ़ाई: एआई छात्रों की सीखने की गति और शैली के अनुसार सामग्री को अनुकूलित कर सकता है, जिससे उन्हें बेहतर सीखने का अनुभव मिलता है।
  • स्वचालित मूल्यांकन: शिक्षकों पर बोझ कम करने के लिए निबंधों और असाइनमेंट का मूल्यांकन स्वचालित किया जा सकता है।
  • ज्ञान तक पहुंच: एआई-पावर्ड टूल छात्रों को जटिल विषयों को समझने और प्रश्नों के उत्तर खोजने में मदद कर सकते हैं।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था (Security and Law and Order):

  • धोखाधड़ी का पता लगाना: वित्तीय संस्थानों में एआई संदिग्ध लेनदेन की पहचान करके धोखाधड़ी को रोकने में मदद करता है।
  • निगरानी और विश्लेषण: सुरक्षा कैमरों से प्राप्त विशाल डेटा का विश्लेषण करके एआई संदिग्ध गतिविधियों या पैटर्न की पहचान कर सकता है।
  • आपराधिक विश्लेषण: यह पुलिस को अपराध के पैटर्न और संभावित अपराधियों की पहचान करने में मदद कर सकता है।


परिवहन में सुधार (Transportation Improvement):

  • स्व-चालित वाहन (Self-Driving Cars): एआई-पावर्ड सेल्फ-ड्राइविंग कारें यातायात को सुरक्षित और अधिक कुशल बना सकती हैं, दुर्घटनाओं को कम कर सकती हैं और यात्रा के समय को बचा सकती हैं।
  • यातायात प्रबंधन (Traffic Management): एआई यातायात प्रवाह को अनुकूलित कर सकता है, भीड़ को कम कर सकता है और यात्रा के समय की भविष्यवाणी कर सकता है।


रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी (Ease of everyday life):

  • स्मार्ट होम डिवाइस: वॉयस असिस्टेंट और स्मार्ट होम डिवाइस हमारे घरों को अधिक आरामदायक और कुशल बनाते हैं।
  • सिफारिश प्रणाली (Recommendation Systems): नेटफ्लिक्स पर फिल्मों, अमेजन पर उत्पादों या यूट्यूब पर वीडियो की सिफारिश करने वाले एआई एल्गोरिदम हमें पसंद की चीजें ढूंढने में मदद करते हैं।
  • ग्राहक सेवा: चैटबॉट्स 24/7 ग्राहकों के प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं, जिससे हमारा समय बचता है।


एआई के नुकसान और चुनौतियां (Disadvantages and Challenges of AI)

जहां एआई के अनगिनत फायदे हैं, वहीं इसके कुछ गंभीर नुकसान और चुनौतियां भी हैं जिन पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है:

नौकरियों का छूटना (Job Displacement):

  • AI और स्वचालन (automation) के कारण कई नौकरियां, खासकर वे जिनमें दोहराव वाले कार्य शामिल हैं (जैसे फैक्ट्री वर्कर्स, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कुछ ग्राहक सेवा भूमिकाएं), विस्थापित हो सकती हैं। यह चिंता का एक बड़ा विषय है जो सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। लोगों को नए कौशल सीखने और नई भूमिकाओं में ढलने की आवश्यकता होगी।


नैतिक चिंताएं (Ethical Concerns):

  • पक्षपात (Bias): AI  सिस्टम उस डेटा से सीखते हैं जो उन्हें खिलाया जाता है। यदि डेटा में सामाजिक पूर्वाग्रह या असमानताएं शामिल हैं, तो एआई सिस्टम भी पक्षपाती निर्णय ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम अश्वेत व्यक्तियों को पहचानने में कम सटीक पाए गए हैं, या कुछ भर्ती एआई सिस्टम महिलाओं या अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव कर सकते हैं।
  • गोपनीयता (Privacy): AI  सिस्टम को प्रभावी होने के लिए भारी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा की आवश्यकता होती है। इस डेटा का संग्रह, भंडारण और उपयोग गोपनीयता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग या डेटा लीक चिंता का विषय है।
  • जवाबदेही (Accountability): जब एआई सिस्टम गलती करते हैं, तो यह निर्धारित करना मुश्किल हो सकता है कि कौन जिम्मेदार है – प्रोग्रामर, डेटा प्रोवाइडर, या सिस्टम का मालिक? यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब एआई महत्वपूर्ण निर्णय (जैसे चिकित्सा निदान या कानूनी निर्णय) लेता है।


सुरक्षा जोखिम (Security Risks):

  • हैकर्स का खतरा: एआई सिस्टम हैक किए जा सकते हैं, जिससे महत्वपूर्ण डेटा या सिस्टम का नियंत्रण गलत हाथों में जा सकता है।
  • गलत सूचना और डीपफेक (Misinformation and Deepfakes): एआई का उपयोग अत्यधिक विश्वसनीय नकली वीडियो (डीपफेक) या पाठ (फेक न्यूज) बनाने के लिए किया जा सकता है, जो गलत सूचना फैलाने और सामाजिक अशांति पैदा करने में सक्षम हैं।
  • स्वायत्त हथियार (Autonomous Weapons): ऐसी चिंताएं हैं कि एआई का उपयोग "किलर रोबोट" या स्वायत्त हथियार प्रणालियों के विकास में किया जा सकता है, जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के जानलेवा निर्णय ले सकती हैं।


अत्यधिक निर्भरता और मानवीय कौशल का ह्रास (Excessive dependency and degradation of human skills):

जैसे-जैसे हम एआई पर अधिक निर्भर होते जाएंगे, कुछ मानवीय कौशल (जैसे आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान, याददाश्त) कमजोर हो सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई एक उपकरण के रूप में काम करे, न कि हमारी जगह ले।

उच्च लागत (High Cost):

एआई सिस्टम का विकास, कार्यान्वयन और रखरखाव अक्सर बहुत महंगा होता है। इसके लिए विशेषज्ञ कर्मचारियों, शक्तिशाली हार्डवेयर और बड़े डेटासेट की आवश्यकता होती है, जिससे यह तकनीक सभी के लिए सुलभ नहीं हो पाती है और डिजिटल असमानता बढ़ सकती है।


पारदर्शिता की कमी / "ब्लैक बॉक्स" समस्या (Lack of transparency / the "black box" problem):

कुछ जटिल एआई मॉडल, विशेष रूप से गहरे एजुकेशन मॉडल, यह बताना मुश्किल कर सकते हैं कि उन्होंने कोई विशेष निर्णय क्यों लिया। इसे "ब्लैक बॉक्स" समस्या कहा जाता है। यह उन क्षेत्रों में चिंता का विषय हो सकता है जहां निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्याख्या महत्वपूर्ण है, जैसे कानून या चिकित्सा।


निष्कर्ष (Conclusion)

एआई टेक्नोलॉजी एक शक्तिशाली उपकरण है जिसमें मानव जाति के लिए असीमित संभावनाएं हैं। यह हमारे काम करने, सीखने, जीने और बीमारियों से लड़ने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। स्वास्थ्य सेवा में निदान से लेकर परिवहन में सेल्फ-ड्राइविंग कारों तक, एआई ने कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है।

हालांकि, हमें इसके संभावित नुकसान और चुनौतियों के प्रति जागरूक रहना होगा। नौकरियों का विस्थापन, नैतिक चिंताएं (जैसे पक्षपात और गोपनीयता), सुरक्षा जोखिम और अति-निर्भरता ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

एआई का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसे कितनी जिम्मेदारी से विकसित और उपयोग करते हैं। 





जय हिन्द ! वन्दे मातरम् !!

AI टेक्नोलॉजी इसके फायदे और नुकसान AI टेक्नोलॉजी इसके फायदे और नुकसान Reviewed by Neel Kamal on August 27, 2025 Rating: 5

How To Download Video Editing Software Free

October 25, 2022

 

Download video editing software free
Free Video Editing Software

In this session, you can learn how to download video editing software free. Let's discuss about Top 13 VIDEO Editing Software. FREE video editing platform are:

 

    1. Canva: This is a very popular and user-friendly online graphics design and video editing platform.   
    2. Blender: It is best graphics designing and open source software. You can download and use free for video editing, 3d modelling etc.
    3.  Lightworks:This is most using software in film and television industry. It is very powerful professional grade video editing software. 
    4.  VideoPad: It is a video editing software, very helpful for video creativity. This software Interface are user-friendly and easy for editing.
    5.  VSDC Free Video Editor : This is window based software download and use for video editing.
    6.  OpenShot: Simple interface, 100% free with no watermark. System Configurations - looks and feels old, not as feature-rich like DaVinci Resolve and Hitfilm Express.
    7.  Shotcut: This is a open-source video editing software available on Windows, macOS, and Linux. 100% free software.
    8.  Movie Maker 10: Simple interface, 100% free with no watermark. System Configurations - Requires a pretty powerful PC for better and fast result.
    9. iMovie: This is a free video editing software developed by Apple Inc. for macOS and iOS devices. It allows users to create and edit professional looking movies etc. using media from various sources like cameras, iPhones and more. Benefit are:
      • Free - comes pre-installed on Apple devices or can be downloaded for free.
      • Easy to use - Intuitive interface makes video editing accessible to all skill levels.
      • High quality output - Export videos in High-Definition (HD) or 4K resolution.    
       10. Magisto: This is a video editing content creation platform using AI(Artificial Intelligence). Here you can easily generate AI video. Magisto provide various features for professional video editor.
    11. WeVideo: This is a cloud-based video editing platform who provide online video editing for professional.
    12. DaVinci Resolve: Professional - Doesn’t have a watermark. System Configurations - Requires a pretty powerful PC, it may be difficult for beginners.
    13.Hitfilm Express: Doesn’t have a watermark. System Configurations - Requires a pretty powerful PC, it may be difficult for beginners.

These above software are very common to use for video editing and no need to pay. These are free platform where you can use for video editing purpose. This is very authentic software, they have no malware or virus. 

If you want to download these video editing software follow the steps:

1. Go to google and type Internet Archive 

2. Click on Internet Archive  (https://archive.org/) next

3. Click on Software Menu and search your desire software, what you want to download is.

4. After search result Click on particular software and and select  language (as radio button) then after left hand side options are available for download,you can download your software in Torrent/Zip and .exe form here. 



Thank you!

Neel Kamal

How To Download Video Editing Software Free How To Download Video Editing Software Free Reviewed by Neel Kamal on October 25, 2022 Rating: 5

अपने घर के छत पर Free Solar Rooftop Yojana के तहत फ्री में सोलर पैनल लगवाएं ! आज ही आवेदन करें !!

January 20, 2022

सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana)

देश और विदेश में बढ़ती बिजली की खपत/ डिमांड और तेजी से घटते प्राकृतिक खनिज पदार्थ कोयला को देखते हुए। आने वाले समय में सौर ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग होने की संभावनाएं है। भारत में उच्च सौर आतपन सौर ऊर्जा को भारत के लिए एक आदर्श ऊर्जा स्रोत बनाता है।

अपने घर के छत पर Free में Solar Panels लगवाएं
Solar Rooftop Yojana

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु भारत सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) चलाई जा रही है। जिसका उद्देश्य बढ़ती बिजली महंगाई दर के मध्य नजर आम आदमी को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। बिजली की बढ़ती डिमांड /खपत  के साथ इसकी लागत भी बढ़  रही है। अब आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) के तहत फ्री में बिजली का भी लाभ उठा सकेंगे। केंद्र सरकार सोलर पैनल लगाने में आम लोगों को मदद करने के लिए तत्पर है। 

केंद्र सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Yojana) चलाई जा रही है। साथ में सौर ऊर्जा छत योजना भारत सरकार ने देश अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रही है।  सरकार सोलर उपभोगताओं को सोलर रूफटॉप इंस्टालेशन पर लगभग 40% की सब्सिडी दे रही है। 

अपने घर की छत पर सौर पैनल (Solar Panel) लगाकर आप अपने घर की बिजली की लागत को लगभग 30% से 50% तक कम कर सकते हैं। सोलर रूफटॉप  से 25 वर्षो तक बिजली मिलेगी और 5 से 6 साल में  खर्च का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद आप अगले 19  से 20 वर्षो तक सौर पैनल (Solar Panel) से फ्री बिजली का लाभ मिलता रहेगा।

आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Yojana) के लिए ऑनलाइन आवेदन इस तरह कर सकते हैं

  • सबसे पहले official website https://solarrooftop.gov.in पर जाना होगा।

  • फिर Home Page पर Apply For Solar Roofing पर click करें।

  • Next Page पर अपना State सेलेक्ट करे , फिर आपको अपने फ़ोन /कंप्यूटर की स्क्रीन पर सौर पैनल (Solar Panel) रूफ एप्लीकेशन दिखाई देगी। अब सभी जरुरी विवरण यहाँ भरना होगा और पुनः Submit पर click करें।

👉आप सोलर रूफटॉप योजना (Solar Rooftop Scheme) के लिए किसी भी बिजली वितरण कंपनी के नजदीकी कार्यालय में संपर्क  सकते हैं। और अधिक जानकारी लिए आप https://mnre.gov.in/ पर जा सकते हैं।

👉For any information regarding Solar Rooftop Yojana Call on Toll Free Number - 1800-180-3333 or Visit the official website for details - https://solarrooftop.gov.in

 

भारत में सौर ऊर्जा - Solar Energy in India

भारत सौर ऊर्जा हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में सौर ऊर्जा खर्चीली है और इस पर भारी निवेश की जरूरत पड़ती है। सौर ऊर्जा का स्‍वरूप अस्थिर है जिससे इसे ग्रिड में समायोजित करना मुश्किल होता है। लोगों की जागरुकता का अभाव, उच्‍च उत्‍पादन लागत तथा वर्तमान ऊर्जा को छोड़ने की सीमाएं एवं पारेषण (Limits and Transmission) नेटवर्क को देशभर में सौर ऊर्जा क्षमता के भरपूर दोहन की दि‍शा में मुख्‍य बाधा के रूप में माना गया है। 

जानिए भविष्य में सौर ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग क्यों होगा
Solar Energy - Reduce Electricity Bill

हैंडबुक ऑन सोलर रेडिएशन ओवर इंडिया के अनुसार, भारत के अधिकांश भाग में एक वर्ष में 250-300 धूप निकलने वाले दिनों सहित प्रतिदिन प्रति वर्गमीटर 4-7 किलोवाट घंटे का सौर विकिरण प्राप्त होता है।  वहीं राजस्थान और गुजरात में प्राप्त सौर विकिरण उड़ीसा में प्राप्त विकिरण की अपेक्षा ज्यादा है। देश में 30-50 मेगावाट/ प्रतिवर्ग किलोमीटर छायारहित खुला क्षेत्र होने के बावजूद उपलब्‍ध क्षमता की तुलना में देश में सौर ऊर्जा का दोहन काफी कम है (जो 31-5-2014 की स्थिति के अनुसार 2647 मेगावाट है)। 

2014 में नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए जिसके फलस्वरूप 2016 मकर संक्रांति/पोंगल तक भारत में सौर ऊर्जा की स्‍थापित क्षमता 5,000 मेगावाट का जादुई आंकड़ा पार कर गई।

2015 में हुए पेरिस जलवायु सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने भारत के नेतृत्व में 100 से भी अधिक "सूर्यपुत्र" देशों के संगठन इंटरनेशनल एजेंसी फॉर सोलर टेक्नोलॉजीज़ एंड एप्लीकेशन्स की भी घोषणा किया।

वर्तमान स्थिति

*14 जनवरी, 2016 तक की स्थिति के अनुसार ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को चालू किये जाने की ताजा स्थिति का राज्‍यवार ब्‍यौरा नीचे निम्‍नलिखित है:

States/Union Territory          Schemes 

1. Andhra Pradesh         -         357.34

2. Arunachal Pradesh    -          0.265

3. Chhatisgarh                -         73.18

4. Gujarat                       -         1024.15

5. Haryana                     -         12.8

6.Jharkhand                    -         16

7.Karnataka                    -         104.22

8.Keral                            -         12.025

9.Madhya Pradesh          -         678.58

10.Maharashtra               -         378.7

11.Ordisa                         -         66.92

12.Punjab                        -         200.32

13.Rajasthan                    -         1264.35

14.Tamilnadu                   -         418.945

15.Telangana                    -         342.39

16.Tripura                         -         5

17.Uttar-Pradesh               -        140

18.Utarakhand                  -        5

19.West Bangal                 -       7.21

20.Andaman and Nicobar -       5.1

21.Delhi                            -       6.712

22.Lakshadweep               -       0.75

23.Puduchery                    -       0.025

24.Chandigarh                   -       5.041

25.Daman and Diu            -        4

26.Other                            -        0.79

                                    Total= 5129.813

भारतीय सौर मिशन (Indian Solar Mission)

जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन योजना की शुरुआत 2009 में जलवायु परिवर्तन पर राष्‍ट्रीय कार्य योजना के एक हिस्‍से के रूप में की गई। इस मिशन का लक्ष्य 2022 तक 20 हजार मेगावाट क्षमता वाली ग्रिड से जोड़ी जा सकने वाली सौर बिजली की स्‍थापना और 2 हजार मेगावाट के समतुल्‍य गैर-ग्रिड सौर संचालन के लिए नीतिगत कार्य योजना का विकास करना है। इसमें सौर तापीय तथा प्रकाशवोल्टीय दोनों तकनीकों के प्रयोग का अनुमोदन किया गया।

इस मिशन का उद्देश्‍य/लक्ष्‍य (Objective/Goal of This Mission):

(1) 2022 तक 20 हजार मेगावाटा क्षमता वाली-ग्रिड से जुड़ी सौर बिजली पैदा करना मिशन लक्ष्‍य,

(2) 2022 तक दो करोड़ सौर लाइट सहित 2 हजार मेगावाट क्षमता वाली गैर-ग्रिड सौर संचालन की स्‍थापना

(3) 2 करोड़ वर्गमीटर की सौर तापीय संग्राहक क्षेत्र की स्‍थापना

(4) देश में सौर उत्‍पादन की क्षमता बढ़ाने वाली का अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण और

(5) 2022 तक ग्रिड समानता का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए अनुसंधान और विकास के समर्थन और क्षमता विकास क्रियाओं का बढ़ावा शामिल है।

दूरवर्ती ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम (Remote Rural Electrification Program)

इस कार्यक्रम के तहत उन गांवों एवं कस्बों में नवीकरणीय उर्जा के जरिए प्रकाशबिजली की व्यवस्था करनी है इस कार्यक्रम के तहत गांवों और कस्बों को 90 प्रतिशत केन्द्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। हालाँकि, इस कार्यक्रम में सौर ऊर्जा (Solar Energy) सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे लघु जलविद्युत योजना, पवनचक्कीं, बायोमास आदि भी शामिल हैं। दूरवर्ती ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 2011-12 से 2013-14 के दौरान विभिन्‍न राज्यों 819 गाँवों में सौर ऊर्जा के लिए स्वीकृति दी गई।

प्रमुख परियोजनाएँ (Major Projects)

राजस्थान में जयपुर के पास सांभर में हिंदुस्तान सॉल्ट्स लिमिटेड की खाली पड़ी जमीन पर 4,000 मेगावाट क्षमता की एक परियोजना 2014 से लगाई जाएगी। इसे सरकारी क्षेत्र की छह प्रमुख कंपनियां- भेल, पावरग्रिड, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन, सतलुज जल विद्युत निगम, हिंदुस्तान साल्ट्स और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स मिलकर लगाएंगी। इसके लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद ऐसी अन्य सोलर पावर परियोजनाएँ लगाने का काम भी जल्द शुरू होगा। परियोजना के पहले चरण में एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जो वर्ष 2017 तक शुरू हो जाएगा। शेष 3,000 मेगावाट क्षमता का विस्तार दूसरे चरण में किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त तीन वर्ष का समय लगेगा।

बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम (Steps Taken to Promote)

जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा मि‍शन की ऑफ ग्रिड तथा विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा के अंतर्गत, मंत्रालय 27 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी से 135 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी के बीच सौर ऊर्जा पीवी प्रणाली तथा विद्युत संयंत्रों की स्‍थापना के लिए 30 प्रति‍शत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है। विशेष श्रेणी के राज्‍यों अर्थात् पूर्वोत्‍तर राज्‍यों, सिक्किम, जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्‍तराखंड, लक्षदीप और अंडमान निकोबार द्वीप के लिए मंत्रालय सरकारी संगठनों (वाणिज्‍य संगठनों और कारपोरेशनों के लिए नहीं) हेतु 81 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी से 405 रुपये प्रति डब्‍ल्‍यूपी के बीच 90 प्रतशित पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करता है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, सौर जल तापक प्रणाली, सौर लालटेन, घरों और सड़कों की लाइटें तथा पीवी पॉवर प्‍लांटो जैसे सौर फोटो वोल्‍टेइक प्रणालियों के लिए 30 प्रतिशत तक की केन्‍द्रीय वित्‍तीय सहायता (CFA) उपलब्‍ध करवा रहा है। यह सीएफए पूरे देश के लिए एक समान है, लेकिन विशेष श्रेणी के राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेश द्वीपों और अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा से लगे जिलों में सौर जल तापक प्रणाली के लिए सीएफए 60 प्रतिशत तक और कुछ श्रेणियों की सरकारी संस्‍थानों के लिए सौर फोटो वोल्‍टेइक प्रणालियों के लिए यह 90 प्रतिशत तक है।

*Source : Wikipedia

राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (National Solar Energy Organisation)

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सौर विद्युत प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, विकास और परीक्षण करने के लिए राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (नाइस) की स्‍थापना की है।

  • बिट्टा सौर ऊर्जा संयंत्र (Bitta Solar Power Plant) 40 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयन्त्र है जो गुजरात के बिट्टा गाँव में स्थित है। इसकी स्थापना 2012 के आरम्भ में हुई थी।
  • कामुती सौर ऊर्जा परियोजना तमिलनाडु के कामुती में कार्यरत विश्व की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना है। इसका निर्माण अडाणी पॉवर ने किया है।
See Also:

 

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अब Apple Smartphone से आप बिना SIM कार्ड के ही बात कर सकेंगे।

January 06, 2022

एपल इस साल (2022) के सितंबर माह में ई-सिम वाली स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है, अब आप एपल स्मार्टफोन से बिना सिमकार्ड के ही बात कर सकेंगे।आइए हमलोग जानते हैं e-SIM Card के बारे में -

e-SIM क्या होता है ?

e-SIM (Electronic Subscriber Identity/Identification Module) एक प्रकार का वर्चुअल सिम होताहै है। e-SIM को टेलिकॉम इंडस्ट्री का  फ्यूचर माना जा रहा है। यह नार्मल सिम कार्ड की होता है।अगर आप ई-सिम  लेते हैं , तो आपको अपने स्मार्टफोन में किसी तरह का कार्ड डालने की जरुरत नहीं होता है। यह टेलिकॉम कंपनी के जरिये ओवर-द-एयर एक्टिवेट किया जाता है। 

e-SIM Card बिलकुल आपको नार्मल सिम कार्ड जैसा ही फीचर्स  देता है, केवल इस सिम में ऑपरेटर बदलने के साथ सिम बदलना नहीं  पड़ता है। 

अब Apple से आप बिना SIM कार्ड के ही बात कर सकेंगे
Apple working on eSIM  integration

आपको जानकर हैरानी होगी की अब स्मार्टफोन पर बात करने के लिए सिमकार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। विश्व की विश्वशनीय टेक कंपनी एपल इस साल ई-सिम वाली आईफोन लॉन्च कर सकती है।इस आईफोन में सिम कार्ड लगाने की कोई स्लॉट ही नहीं होगी। यह आईफोन ई-सिम से वर्क करेगी। एक जानकारी के अनुसार, एपल कंपनी ने इस साल ई-सिम को सपोर्ट करने वाली स्मार्टफोन को लॉन्च करने की योजना बना रही है। 

ऐसे में हो सकता है कि कंपनी आइफोन-14 में ही फिजिकल स्लॉट हटाकर बाजार में उतारे। हालांकि कंपनी फिजिकल सपोर्ट वाले आइफोन-14 को भी बनाना जारी रखेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक फोन को सितंबर 2022 में लॉन्च कर सकती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि  अभी सभी आइफोन मॉडल  ई-सिम (e-SIM) का सपोर्ट करती है  और फिजिकल SIM Card के लिए Nano-SIM Slot के साथ आते हैं। जहां ई-सिम की सुविधा नहीं है ,वहां फिजिकल SIM Card के साथ iPhone का प्रयोग  है। इससे पहले Apple Ink ने प्रयोग के तौर पर अपने iPhoneXR, XSS और XSS MAX  को बिना फिजिकल SIM सपोर्ट के साथ लांच किया था। 

टेक जानकारों का मानना है कि मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी का फ्यूचर 2022 के लास्ट तक ही e-SIM में शिफ्ट हो सकता है। यदि Apple e-SIM Technology का प्रयोग करती है , तो उस सीरीज के फोन को दुनिया के अन्य देशों में नहीं सकेगा। क्योंकि कई देशों में अभी e-SIM टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करना आसान नहीं होगा। 

*e-SIM टेक्नोलॉजी आने से फोन को वाटरप्रूफ बनाने में मिलेगी मदद 

e-SIM Card के पानी या फिर फोन हीटिंग से ख़राब होने की संभावना से उपभोक्ता बचेंगे। क्योंकि  इस टेक्नोलॉजी से फोन हीट नहीं  होती है। e-SIM बिलकुल आपको सिम कार्ड जैसे फीचर्स मिलते हैं इस सिम में ऑपरेटर बदलने के साथ बदलना नहीं  पड़ता है। इस टेक्नोलॉजी से फ़ोन को वाटरप्रूफ और  हीटिंग जैसे समस्याओं को सुरक्षित रखने में मदद  मिलेगी। 

Dual e-SIM Card  सपोर्ट के साथ आयेगा आइफोन-15:  एपल कंपनी 2023 में आइफोन-15प्रो मॉडल को  लॉन्च करने की तैयारी में है। Dual e-SIM Card वाला आइफोन-15 पहला फोन हो सकता है। आइफोन-15 में एपल कंपनी दो सिम कार्ड का स्लॉट लॉन्च कर सकता है। 

*स्रोत : प्रभात ख़बर

iPhone-14 Facilities are:

  • 2GB Storage 
  • 48 Megapixels Camera Lens
  • 8K Video Recording Support
  • QLC Plash Storage Support

For more updates visit Apple official website:https://www.macrumors.com/roundup/iphone-14/ 

 

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ऐसे करें घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक

January 05, 2022

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा एक चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 पारित की गई है इस कानून के तहत अब  सभी भारतीयों को जिनके पास वोटर आईडी कार्ड है उन्हें अपने आधार कार्ड से डिजिटली लिंक करना होगा। 

यदि आप अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करना चाहते हैं, तो हम आपको कुछ आसान सा स्टेप्स/तरीके  बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने वोटर आईडी  को आधार से लिंक कर सकते हैं। 

आइए हम आपको यहां तीन तरीके(Methods) बताएंगे जिनके जरिए आप घर बैठे अपने आधार कार्ड को वोटर आईडी कार्ड से लिंक कर पाएंगे। 

Method-1

  1. सबसे पहले NVSP के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।  यहां अपने Mobile No. या E-Mail ID के  द्वारा लॉगिन करना होगा। 
    घर बैठे अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक
    NVSP
  2. यदि आप NVSP पर नए  है  और अभी तक यहाँ आपका अकाउंट नहीं है, तो सबसे पहले NVSP अपने  आप को रजिस्टर करें फिर लॉगिन करने के बाद Search on Electoral Roll पर क्लिक करें।  अब नीचे दिए गए ऑनलाइन प्रोफोर्मा में पर्सनल डिटेल्स केअलावा राज्य का नाम भी एंटर करें। इसी तरह आप अपने वोटर आईडी नंबर का भी प्रयोग कर सकते हैं। फिर Capcha कोड एंटर करके सर्च वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
    Search On Electoral Roll
    Search On Electoral Roll

  3. इसके बाद 'All Details' ऑप्शन पर टैप करें यहाँ आपकी स्क्रीन पर नया पेज ऑप्शन होगा और इसमें आप  'Feed Aadhar No' ऑप्शन पर क्लिक करें अब नई स्क्रीन ओपन होगी। यहां अपनी पर्सनल जानकारी एंटर करके सबमिट पर टैप करना है। इस तरह वोटर आईडी कार्ड आपके आधार से लिंक हो जाएगा।

 Method-2

SMS द्वारा भी आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करें

SMS सेंड कर आप अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर के जरिए भी अपने वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक कर सकते हैं। ये है इसका तरीका :

ECILINK<स्पेस > VOTER ID Number<स्पेस>Aadhar Card Number 166 या 51969 पर सेंड करें।


Method-3

फोन कॉल द्वारा भी आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करें 

भारत सरकार द्वारा जारी किया हुआ डेडिकेटेड नंबर 1950 पर आप वर्किंग डेज/आवर में (मॉर्निंग 10:00 am से इवनिंग 5:00 pm) बजे के बिच में कॉल कर के भी आप अपने आधार से वोटर आईडी कार्ड लिंक करवा सकते हैं। 

 

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इन खतरनाक ऐप्स को तुरंत अपने मोबाइल से डिलीट करें, अन्यथा आप का बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

January 04, 2022

जोकर मालवेयर एक बहुत ही खतरनाक मालवेयर है जो की चुपके/चोरी से एंड्रॉयड मोबाइल एप्प के जरिए किसी भी मोबाइल में प्रवेश करता है और छुप कर Mobile App में रहता है। जोकर मालवेयर इतना खतरनाक है कि गूगल प्ले-स्टोर पर पब्लिश होने वाले नए एप्प को भी अपने गिरफ़्त में ले सकता है। 

जोकर मालवेयर एप्स को तुरंत अपने मोबाइल से डिलीट करें
Jokar Malware Apps
एक जानकारी के अनुसार 15 से अधिक Android Mobile Apps में जोकर मालवेयर की पहचान की पुष्टि हो चूकि है। और अब सात नए ऍप्स के बारें में जोकर मालवेयर होने की जानकारी मिली है अथार्त हमें अपने मोबाइल को चेक कर इस मालवेयर को डिलीट करने की अति शीघ्र आवश्यकता है। ताकि आपका पर्सनल मोबाइल डेटा सुरक्षित रहें। 

Smartphone Security Firm Pradeo  ने जोकर मालवेयर के बारे में एक चेतावनी जारी की है। Pradeo ने कहा है की यह मालवेयर एक बहुत ही खतरनाक है जिसे स्मार्टफोन एंड्रॉयड यूज़र्स को इसे तुरंत डिलीट कर देना चाहिए। 

Pradeo के अनुसार जोकर मालवेयर जिन एप्स में मिला है उनमें पहला नाम कलर मैसेज (Color Message ) का है  जिसे अभी तक 5 लाख से अधिक लोगों  ने डाउनलोड किया है। कहा जा रहा है कि  इस एप में छुपी हुई मालवेयर रूस के सर्वर से लिंक है। जोकर मालवेयर को "Fleeceware" केटेगरी में रखा गया है जो कि आपकी जानकारी के  बिना आपके बैंक अकाउंट से पैसे चुराने में माहिर है। 

Jokar Malware आपकी परमिशन के बिना Premium और Paid Service को एक्टिव कर देता है। इसी तरह यह ऑनलाइन ऐड पर भी अपने आप क्लिक है। और पेड सर्विस एक्टिवेट करता है। जोकर मालवेयर OTP और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट पढ़ने में भी माहिर है। 

निम्नलिखित एप्स में जोकर मालवेयर होने की पुष्टि हुई है :

  1. Color Message
  2. Safety AppLock
  3. Convenient Scanner2
  4. Push Message-Texting&SMS
  5. Emoji Wallpaper
  6. Separate Doc Scanner
  7. Fingertip GameBox

गूगल ने इन एप्स पर की है कार्रवाई

एक जानकारी के अनुसार- Google ने जिन 9 Apps पर कार्रवाई करते हुए इन्हें अपने Play Store से Delete कर दिया है, उनमें 7 Smartphone Apps हैं और 2 स्मार्ट टीवी से जुड़े एप्स हैं, इनके नाम इस प्रकार हैं :

  • Super Hero Effect
  • Classic Emoji Keyboard
  • QRcode Scan
  • EmojiOne keyboard
  • Battery Charging Animations Battery Wallpaper
  • Volume Booster Loud Sound Equaliser
  • Dazzling Keyboard

स्मार्ट टीवी से जुड़े इन 2 Apps पर भी हुई है कार्रवाई 

  • Smart TV Remote
  • Halloween Coloring

जोकर मालवेयर से बचने के लिए इन बातों का रखें बिशेष ध्यान

  • सबसे पहले इस तरह की न्यूज़ से अपने आप को अपडेट रखें और कभी-कभी चेक करते रहें कि Google ने Play Store से किन Apps को बैन किया है।
  • क्या आपके मोबाइल में भी ये एप्स मौजूद है ? यदि हा - तो उसे अपने फोन से तुरंत  Delete कर दें। 
  • एक बार जब आपको इन App के बारे में पता चल जाए तो देखें कि ये ऐप जाने या अनजाने में आपके फोन में भी तो डाउनलोडेड तो नहीं हैं। अगर आपके फोन में इस तरह का कोई  Apps है तो उसे फौरन Uninstall कर दें।
  • App को Delete करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी इजाजत के बिना कौन-कौन से प्रीमियम सर्विसेज का सब्सक्रिप्शन आपके नाम पर चल रहा है।
  • गूगल के प्ले-स्टोर (Google Play Store) पर जाएं और मीनू में जाकर सभी सब्सक्रिप्शन को तुरंत - चेक करें और उसे कैंसिल करें। और फौरन इन कंपनियों से संपर्क करके इन सब्सक्रिप्शन को बंद कराएं।
  • अब App Install करने के बाद फोन में एक अच्छा Anti-Virus App  डाउनलोड करके रख लें। उस Anti-Virus को एक बार Run करें ताकि आपके फोन में कोई Malware या Virus हो तो आपको पता चल सके।
  • यदि Virus और Malware मिलता है, तो मोबाइल को Reset करना बेहतर उपाय है।
 

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जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना

December 26, 2021

अब खुद घर बैठे करें डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड

दोस्तों, आज हमलोग जानेंगे Digital Voter ID Card यानि डिजिटल मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड करना। वर्तमान समय में आधार कार्ड की तरह ही वोटर आईडी कार्ड भी डिजिटल हो गया है जिसे हम कुछ आसान सा स्टेप्स फॉलो कर बहुत ही सरल तरीके से डाउनलोड कर सकते हैं। 

जानिए डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करें

जैसा कि हम सब जानते है की वोटर आईडी कार्ड भारत के नागरिक होने का एक प्रमाण-पत्र है। जो कि हम भारतीयों को सरकार चुनने के लिए वोट देने का अधिकार प्रदान करती है।  भारत में रहने वाले 18 वर्ष या उससे बड़े लोगों का वोटर आईडी कार्ड बनाया जाता है ये कार्ड न सिर्फ वोट (मत) देने का अधिकार देता है, बल्कि ये आपका मौलिक पहचान पत्र भी होता है। जिसका इस्तेमाल बैंक में आकउंट खुलवाने से लेकर  घर या जमींन के लिए भी होता है। ये अति महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है जो की भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्गत की जाती है अत: इसकी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी को अपने पास डाउनलोड कर रखना चाहिए ताकि जरुरत पड़ने पर इसे इस्तेमाल में लाया जा सके। कई बार वोटर आईडी कार्ड खो जाती है अब चिंता करने की जरुरत नहीं है आप इसे पुनः डाउनलोड कर सकते हैं। 

तो आइए आज हमलोग डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करना सीखते हैं स्टेप बाई स्टेप :

स्टेप -1 

अपना डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड  करने के लिए हमें सबसे पहले चुनाव आयोग के ऑफिसियल वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/  or https://www.nvsp.in को ओपन करना होगा। ओपन करने के बाद आप वोटर सर्विस पोर्टल पर लॉगिन करें। 

ऑफिसियल वोटर सर्विस पोर्टल
ऑफिसियल वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/

 स्टेप -2 

वोटर सर्विस पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए आपको अपनी मेल आईडी और मोबाइल नंबर की आवश्यकता पड़ेगी। तभी आपका आकउंट बन पाएगा।  अब आप से जो भी जरुरी जानकारी मांगी जाए आप उसे भर दीजिए। 

 स्टेप -3

लॉगिन करने के बाद e-EPIC (Electoral Search)  or https://www.nvsp.in/EEPIC का आपको ऑप्शन दिखाई देगा। जिस पर क्लिक करने के बाद आपको अपने वोटर आईडी का नंबर एंट्री कर सर्च करना होगा अगर सर्च में वोटर आईडी प्राप्त हो जाता है तो उसे डाउनलोड कर लें। 

Search Your Name in Electoral Roll using Voter ID Number
EPIC Search for Voter ID Card

अन्यथा Advance Search ऑप्शन पर क्लिक कर है अपना पर्सनल इनफार्मेशन भर कर सर्च करना होगा, वोटर आईडी का डिटेल्स प्राप्त होने पर ही आप डिजिटल वोटर आईडी कार्ड का PDF डाउनलोड कर पायेंगे। जिसका सॉफ्ट कॉपी आप डाउनलोड कर अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप/कम्प्यूटर इत्यादि में रख सकते हैं और इसका हार्ड कॉपी भी अपने पास प्रिंट करा कर रख सकते हैं।
Advance Search for Voter ID
Advance Search for Voter ID Card

नोट:- एक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा एक चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक  2021 पारित की गई है इस कानून के तहत अब  सभी भारतीयों को जिनके पास वोटर आईडी कार्ड है उन्हें अपने आधार कार्ड से डिजिटली लिंक करना होगा।

 

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बड़े राजनेता बिना पढ़े कैसे देते हैं लंबा भाषण, जाने इसके पीछे का तकनीक

December 22, 2021

नामीग्रामी राजनेता अपने भाषण को टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से पढ़ते हैं 

आज के इस डिजिटल वर्ल्ड में इंसान ने कई चीजे अपनी आवश्यकता अनुसार विकसीत कर ली है उनमें  इलेक्ट्रॉनिक टेली-प्रॉम्प्टर (Teleprompter) एक खास किस्म का डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो की कल्पना से परे है।  इस  तकनीक की मदद से जो बाइडन से लेकर नरेन्द्र मोदी तक लाखों की भीड़ के सामने बिना पढ़े लंबा भाषण देने के लिए करते हैं।परन्तु आपको लगता होगा कि बिना हाथ में कागज़ लिए प्रधानमंत्री और अन्य नेता-मंत्री घंटो कैसे भाषण दे लेते हैं। जबकि राजनेताओं को भाषण देते वक्त जनता की बड़ी समूह की ओर देखते हुए भाषण के साथ भी भाव व्यक्त करना होता है। ताकि लगे की वह जनता के साथ बड़े सहज तरीके से अपनी बात रख रहें है। 

The World famous leader uses teleprompter to speak in front of large audience
Teleprompter Used By Leaders

इसीप्रकार हमारे TV चैनल के एंकर भी टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल अपने प्रोग्राम में न्यूज़ पढ़ने लिए करते हैं। और आप सोचते होंगे कि वे बिना मुद्दों से इधर-उधर भटके इतनी शानदार और टू द पॉइंट बातें लगातार धाराप्रवाह कैसे बोल लेते हैं।

दोस्तों, टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारे मार्केट में उपलब्ध है परन्तु यह आम तौर पर उतना आम भी नहीं कि हर कोई इसके बारे में जान सके और इसका का प्रयोग कर सकें। 

 

टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

जो बाइडेन से लेकर मोदी तक अपने भाषण के लिए टेली-प्रॉम्प्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। इस डिवाइस में टेक्स्ट की सुविधा होती है , लेकिन यह पारदर्शी शीशे का होता है, इसलिए  रहने पर भी दर्शकों को दिखाई नहीं देता है। इस डिवाइस में ठीक मोबाइल की तरह टेक्स्ट को आगे-पीछे करने या फॉण्ट बढ़ाने की सुविधा होती है। जो व्यक्ति डिवाइस के क़रीब होगा केवल  दिखाई देता है, दूर वाले को इसका पता  चलता है। 

यह आमतौर पर सामान्य शीशे या ग्लास की तरह होता है, यही कारन है की दूर बैठे लोगों को यह डिवाइस पता नहीं चल है और उसे लगता है कि भाषण देने वाला स्वयं बोल रहा हो। 

टेली-प्रॉम्प्टर का इस्तेमाल भाषण देने वाले वयक्ति के नजदीक ही होता है, यही कारण है कि इस  वह जैसे चाहे, नियंत्रित कर सकता है। 

What is teleprompter
Teleprompter In-front of audience

जाने, टेली-प्रॉम्प्टर की कीमत बाज़ार में कितना है 

टेली-प्रॉम्प्टर कि कीमत ब्रांड और इसके बनावट के हिसाब से कम  या अधिक होती है।  लेकिन, साधारणतः यह बाजार में 50 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक की आती है। इसकी क्वालिटी इसकी ब्रांड पर निर्भर करती है। 

आजकल, आमतौर पर इसका प्रयोग राजनेता, टी वी एंकर तथा थियेटर कलाकार के साथ फिल्म इंडस्ट्री में अपने स्पीच और डायलाग तैयार करने में बड़े पैमाने पे करते हैं। इसके अलावा नामीग्रामी कॉलेज और सेमिनार में लेक्चर देने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। क्योंकि  इसमें असीमित स्पीच/लेक्चर लिखकर सुरक्षित रखने की सुविधा होती है।

बदलते समय के साथ दुनियाभर में टेली-प्रॉम्प्टर का डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। आधुनिकता को प्रदर्शित करने में टेली-प्रॉम्प्टर डिवाइस का प्रयोग बहुत ही सराहनीये कदम है। 

 

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जानिए, घर बैठे खुद कैसे कर सकते हैं बदलाव अपने आधार कार्ड में, फोटो, नाम और पता

December 02, 2021

अब खुद चुटकी में अपने आधार कार्ड में , फोटो, नाम और पता बदलें

जैसा की हम सब जानते हैं कि आज के दैनिक जीवन में आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।  बिना आधार कार्ड अब कोई भी काम नहीं हो पाता है।  लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि हमलोग अपने आधार कार्ड में कुछ चेंज करना चाहते हैं और उसके लिए हमलोगों को आधार सेंटर पर जाना पड़ता है जिसमें काफी समय लग सकता है। लेकिन, अब हमलोगों को इसके लिए परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि आज हमलोग सीखेंगे कि हमलोग घर बैठे आधार कार्ड में बदलाव कर सकते हैं। 

जानिए, घर बैठे खुद कैसे कर सकते हैं बदलाव अपने आधार कार्ड  में, फोटो, नाम और पता
Update your Aadhar card, photo, name and address sitting at home
आधार कार्ड की ऑफिसियल वेबसाइट uidai.gov.in के अनुसार, अगर हमलोग अपने आधार में कुछ सुधार/ करेक्शन करना चाहते हैं तो हमलोगो को दो चांस मिलेंगे मगर उसके लिए हमलोगो कुछ शर्तो को मानना पड़ेगा। 

 

क्या आप जानते हैं कि कितनी बार आधार कार्ड में सुधार/करेक्शन किया जा सकता है ?

  • नाम(Name) सिर्फ दो बार सुधारा जा सकता है। 
  • जन्म तिथि (Date of Birth) केवल एक बार सुधारा जा सकता है। 
  • लिंग (Gender) में भी आप केवल एक ही बार सुधार कर सकते हैं। 

आधार कार्ड में कुछ सुधार/करेक्शन के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है 

  • पता (Address) में बदलाव की कोई सीमा निर्धारित नहीं है, क्योंकि लोग घर बदलते रहते हैं जिसके कारण उनका पता अपने आप ही चेंज होता रहता है। 
  • फोटो (Photo) अगर फोटो आपका साफ नहीं है तो इसे कई बार भी सुधारा जा सकता है। 
  • मोबाइल नंबर (Mobile Number) भी कई बार सुधारा जा सकता है। इसकी भी कोई सीमा  निर्धारित नहीं है। 

अब जानिए, घर बैठे खुद करें अपने आधार कार्ड के, फोटो, नाम और पता में बदलाव 

घर बैठे खुद करें अपने आधार कार्ड के, फोटो, नाम और पता में बदलाव के लिए हमें सबसे पहले uidai के ऑफिसियल वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर जाना होगा उसके बाद Update Your Aadhar सेक्शन पर क्लिक करना होगा, उसके बाद साथ ही Update Demographics Data Online के ऑप्शन को सेलेक्ट करना होगा।  इसके बाद आप दूसरे Page पर शिफ्ट हो जाएंगे जहां पर आपको अपना आधार नंबर दर्ज होगा, आपको OTP के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा, जिसके तुरंत बाद आपके पास एक OTP आएगा, इसके जरिए लॉगिन करते ही आपको Demographics Data Update  का ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा, इस पर हमलोगो को रिलेटेड डाक्यूमेंट्स उपलोड करने के बाद पेमेंट कर दें , जिसके बाद आपका आधार कार्ड अपडेट हो जाएगा। फिर आप उसका प्रिंट ले सकते हैं।

आधार कार्ड से संबधित किसी भी जानकारी के लिए संपर्क करें : 1947 

For any help mail on : help@uidai.gov.in

 

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What is the role of Declaring a Pointer in C programming

November 29, 2021

Declaring a Pointer 

In this article, we are trying to understand the role of Declaring a Pointer in C, with program.
 
Declaring a Pointer in C programming
Declaring A Pointer
  •  Pointing variables, must be declared before they may be used in a C program.
  • When a pointer variable is declared, the variable name must be preceded by asterisk(*).
  • The data type that appears in the declaration refers to the data item that is stored in the address represented by the pointer.
  • Pointer variables can point to numeric or character variable, arrays, functions, other pointer variables, or null (zero) value.

 

Usage:

 data-type *pointer_variable;

  • data-type refers to the data type of the pointer's object.
  • *pointer_variable is the name of the pointer variable.
  • Within a variable declaration, a pointer variable can be initialized by assigning it the address of another variable.

 

Program-1 

Difference between ordinary arithmetic expression & Declaring a Pointer

#include <stdio.h> 

/*Difference between ordinary arithmetic expression & Declaring a Pointer. */

void main()

{        int num1, num2;

          int value=3;

          int *value_pointer;                /*value_pointer points to value */

          num1 =2 * (value+5);                /* arithmetic expression */

          value_pointer =&value;

          num2 = 2 * (*value_pointer+5);

         printf("\nNum1 = %d  Num2 = %d", num1, num2);

         }


Run

Num 1 = 16  Num2 = 16

Explanation: 

There are 2 integer expressions in the above program. The first, 2 * (value + 5), is an ordinary arithmetic expression, while the second, 2 * (*value_pointer + 5), involves the use of pointers. Still, the  expressions are equal to each other because value and *value_pointer each represent the same integer value.


 Program-2

Assigning a value to a variable

#include <stdio.h> 

/*Assigning a value to a variable */

void main()

{        int value=3;

          int *value_pointer;               

          value_pointer =&value;

         printf("\n *Value_pointer = %d  Value = %d", *value_pointer, value);

         *value_pointer = 7;

         printf("\n *Value_pointer = %d  Value = %d", *value_pointer, value);

         }


Run

*Value_pointer = 3  Value  = 3

*Value_pointer = 3  Value  = 3

 

Explanation:

  • Assign an initial value of 3 to the integer variable value
  • Assign the address of value to the pointer variable value_pointer 
                  So, Value_pointer becomes a pointer to value
                 The expression *value_pointer represents the value 3
  • The first printf statement displays the current values of *value_pointer and value
  •  The value of *value_pointer is reset to 7

                 So, value will be reassigned the value 7

  • The second printf statement displays the new values of *value_pointer and value.

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